हरमनप्रीत कौर ने गुरुवार को 2017 महिला वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद तूफानी 171 रन की पारी खेली थी। कौर की पारी की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। मैच में कौर की दीप्ति शर्मा के साथ 137 रन की साझेदारी काफी अहम साबित साबित हुई थी।
जब हरमनप्रीत कौर ने अपना शतक पूरा किया तब दीप्ति शर्मा पर भड़क गई थी। प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने के बाद कौर ने खुलासा किया कि बीच मैदान पर गुस्से में उन्होंने दीप्ति को क्या कहा था। कौर ने कहा, 'मैंने दीप्ति को सिर्फ इतना कहा कि स्ट्राइक रोटेट करे। आपको दबाव लेने की जरुरत नहीं है। मैं गेंद पर अच्छे से प्रहार कर रही थी और उसे कहा था कि मुझे स्ट्राइक दे। मैंने जिम्मेदारी उठाई और दीप्ति ने अपना काम बखूबी किया।'
कौर जब क्रीज पर उतरी तब भारतीय टीम दो विकेट पर 35 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी। कौर ने पहले कप्तान मिताली राज के साथ और फिर दीप्ति के साथ साझेदारियां करके भारत को बेहद मजबूत स्कोर तक पहुंचाया और गत चैंपियन को बैकफुट पर धकेल दिया। कौर ने पीटीआई से बातचीत में कहा, 'मुझे पूरे टूर्नामेंट में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। आज जब मुझे मौका मिला तो इसका पूरा उपयोग करना चाहती थी। आज मैं अपने आप को साबित करना चाहती थी और भगवान का शुक्र है कि जो मैंने सोचा वो पूरा हुआ।'
एक ही फॉर्मूला अपनाकर खेली हरमनप्रीत
हरमनप्रीत कौर
भारत और ऑस्ट्रेलिया का सेमीफाइनल से पहले ग्रुप चरण में मुकाबला हुआ था, जहां गत चैंपियन ने 8 विकेट से मिताली ब्रिगेड को मात दी थी। इसके बाद मिताली राज के नेतृत्व वाली भारत ने सेमीफाइनल में बदला लिया और कंगारू टीम को 36 रन से हराकर फाइनल में जगह पक्की की। अब रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर फाइनल में भारत को इंग्लैंड का सामना करना है।
28 वर्षीया मिताली ने कहा कि मिताली राज, दीप्ति शर्मा और वेदा कृष्णमूर्ति के साथ हुई साझेदारियों की मदद से ही भारतीय टीम विशाल स्कोर खड़ा कर सकी। उन्होंने मैच में अपनी योजना के बारे में खुलासा करते हुए कहा, 'गेंद को देखते ही जोरदार प्रहार करने का फंडा था।' हरमन ने कहा कि इससे उन्हें बड़ी पारी खेलने में मदद की। उन्होंने साथ ही कहा कि शॉट मारने के अलावा स्ट्राइक रोटेट करना भी उनकी योजना में शामिल था।
मिताली की टीम रविवार को फाइनल जीतकर पहली बार महिला वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतना चाहेगी। दोनों टीमों के बीच टूर्नामेंट में एक बार भिडंत हो चुकी है, जिसमें भारत ने 35 रन से बाजी मारी थी।