दक्षिण अफ्रीका का प्रतिष्ठित शहर जोहांसबर्ग का न्यू वांडरर्स स्टेडियम के नाम दो ऐसे दुर्लभ इतिहास दर्ज हो गए हैं जो इससे पहले आज तक किसी अन्य मैदान के हिस्से में भी नहीं आया।
12 मार्च 2006 में यह मैदान गवाह बना है वनडे क्रिकेट में सबसे बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक लक्ष्य का पीछा करने का। इसके बाद इसी मैदान पर 11 जनवरी को फटाफट क्रिकेट टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज की गई।
हालांकि दोनों ही मौकों पर मेजबान दक्षिण अफ्रीकी टीम की भागीदारी रही, लेकिन उसने एक में जीत का रिकॉर्ड बनाया तो दूसरे में हार का। उसने आज से 9 साल पहले इसी मैदान पर वनडे में ऑस्ट्रेलिया के 435 रनों के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए एक गेंद शेष रहते 438 रन बनाकर जीत हासिल कर कीर्तिमान रचा था। और अब उसे वेस्टइंडीज जैसी टीम के हाथों टी-20 में 231 रनों का विशाल लक्ष्य देने के बावजूद 4 गेंद शेष रहते सबसे बड़ी हार का मुंह देखना पड़ा।
SA ने 11.55 रन प्रति ओवर की औसत से बनाए रन
वेस्टइंडीज की क्रिकेट टीम इस समय दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर है, और उसे पहले 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार का सामना किया। विंडीज टीम अब टेस्ट क्रिकेट में मजबूत टीम के रूप में नहीं गिनी जाती, उसकी पहचान सीमित ओवरों के क्रिकेट मैच में ही है और इसमें उसने एक बार फिर खुद को साबित कर दिखाया है। शुरुआती 2 जीत के साथ ही कैरेबियाई टीम ने टी-20 सीरीज पर कब्जा जमा लिया है।
3 मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका ने तूफानी बल्लेबाजी का नजारा पेश करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 231 रन बना डाले। उसने यह स्कोर 11.55 रन प्रति ओवर की औसत से बनाया था।
मेजबान टीम के लिए कप्तान फैफ डु प्लेसिस ने रिकॉर्डतोड़ पारी खेली और टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर में अपना पहला शतक भी ठोंक दिया। उनकी आतिशी बल्लेबाजी का नजारा तो देखिए, अपने पहले 50 रन महज 23 गेंदों में बनाए। इसके बाद अगले 50 रन बनाने के लिए भी 23 गेंदों का उपयोग किया। उन्होंने सिर्फ 46 गेंदों में शतक लगा दिया। वह 56 गेंदों में 119 रन बनाकर आउट हुए। इस पारी में उनके बल्ले से 11 चौके के अलावा 5 छक्के भी निकले। उनके अलावा डेविड मिलर ने 47 रनों की पारी खेली।
विंडीज की ओर से ड्वेन ब्रॉवो और जेसन होल्डर को 2-2 और सुलेमान बेन को एक सफलता मिली। प्लेसिस डेविड मिलर के बाद टी-20 में शतक लगाने वाले दक्षिण अफ्रीका के दूसरे बल्लेबाज हैं।
232 रनों का असंभव सा दिखने वाला लक्ष्य देने के बाद अफ्रीकी टीम को यह जीत आसान लग रही थी क्योंकि उसने इससे पहले 180 रनों से ज्यादा का लक्ष्य देने के बाद एक भी मैच नहीं गंवाया था। लेकिन उसकी मंशा पर पानी फेर दिया विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल की तूफानी पारी ने।
गेल के धमाकों के आगे फीकी पड़ा प्लेसिस का शतक
क्रिस गेल का बल्ला लंबे समय से खामोश था और अपनी चिर-परिचित अंदाज में बल्लेबाजी नहीं कर रहे थे। लेकिन दक्षिण अफ्रीकी की धरती पर उनका बल्ला फिर से चलने लगा है। गेल के लिए यह मैदान काफी लकी रहा है क्योंकि उन्होंने यहीं पर अपना एकमात्र टी-20 शतक 2007 में अफ्रीकी टीम के खिलाफ लगाया था।
विंडीज टीम ने जब लक्ष्य का पीछा करना शुरू किया तो एकबारगी यही लग रहा था कि उसे इस मैच से हाथ धोना पड़ सकता है क्योंकि उसका पहला विकेट दूसरे ही ओवर में ड्वेन स्मिथ (17) के रूप में 19 रन के स्कोर पर गिर चुका था। लेकिन यहां से गेल ने मार्लोन सैमुअल्स के साथ रनों की बारिश करते हुए टीम की जीत का रास्ता तय कर दिया।
गेल और सैमुअल्स ने विस्फोटक बल्लेबाजी कर दूसरे विकेट के लिए महज 11.5 ओवर में 152 रनों की साझेदारी कर डाली। गेल कुछ ज्यादा ही आक्रामक दिखे और 20 गेंदों में ही अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। वह 14वें ओवर में आउट हुए लेकिन आउट होने से पहले उन्होने 41 गेंदों में 9 चौके और 7 छक्के की मदद से 90 रनों की पारी खेल डाली थी। दूसरे छोर पर टिके सैमुअल्स ने भी 39 गेंदों में 60 रनों (7 चौका और 2 छक्का) का योगदान दिया।
सैमुअल्स जब आउट हुए उस समय विंडीज को 5 ओवर में 54 रन और बनाने थे जिसे क्रीज पर उतरे अन्य बल्लेबाजों ने 4 गेंद शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर लिया। विंडीज ने 19.2 ओवर में 236 रन बनाए। अफ्रीका की ओर से डेविड वेस ने 3 विकेट झटके।
टी-20 में बने सबसे ज्यादा चौकों-छक्कों का रिकॉर्ड
यह मैच में चौकों-छक्कों की भी खूब बारिश हुई। इस मैच में कुल 39.2 ओवर फेंके गए जिसमें कुल 68 चौके-छक्के लगे जो टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास का रिकॉर्ड है। दोनों टीमों की ओर से 44 चौकों के अलावा 22 छक्के भी लगे।
इससे पहले टी-20 में सबसे ज्यादा चौके-छक्के (66) लगाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 2013 में साउथम्प्टन में खेले गए मैच बना था। उस मैच में 43 चौके और 23 छक्के लगे थे।
चौके-छक्के के अलावा एक टी-20 में सबसे ज्यादा रन भी इसी मैच में बने। दक्षिण अफ्रीका ने 231 रन बनाए जबकि विंडीज ने 236 रन, इस तरह से दोनों टीमों के स्कोर का योग हुआ 467 रन। इससे पहले रिकॉर्ड था 457 रनों का जो 2013 में बना।
टी-20 में शतक लगाने के साथ ही फैफ डु प्लेसिस दुनिया के ऐसे आठवें बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक लगाने का कारनामा कर दिखाया है। भारत की ओर से यह रिकॉर्ड सुरेश रैना के नाम दर्ज है।