बाएं से- वसीम अकरम, फखर-ए-आलम, मिस्बाह और शोएब मलिक
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दरअसल, शोएब मलिक, वसीम अकरम, मोईन खान और मिस्बाह उल हक विश्व कप 2023 के लिए एक टीवी शो का हिस्सा हैं। उस शो के दौरान मलिक ने कहा- पाकिस्तानी टीम को लेकर मैं आपको ईमानदार राय दूंगा। मैं पहले भी पिछले इंटरव्यू में कह चुका हूं कि बाबर को कप्तानी छोड़ देनी चाहिए। यह सिर्फ मेरी राय है, लेकिन इसके पीछे बहुत होमवर्क है। एक खिलाड़ी के रूप में बाबर अपने साथ-साथ टीम के लिए भी चमत्कार कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, 'यह मेरी निजी राय है और ऐसा इसलिए नहीं है कि हम भारत के खिलाफ मैच हार गए या हम बड़े अंतर से हार गए इस वजह से कह रहा हूं। नहीं, मेरी राय उस पर आधारित नहीं है। मलिक का मानना है कि बाबर एक कप्तान के रूप में लीग से हटकर नहीं सोचते जो उनके नेतृत्व कौशल के संबंध में एक बड़ी समस्या है। उन्होंने साथ ही शाहीन शाह अफरीदी के नाम की सिफारिश की।
उन्होंने कहा- किसी को भी उनके नेतृत्व को उनके बल्लेबाजी कौशल के साथ नहीं मिलाना चाहिए क्योंकि वे दोनों अलग हैं। वह लंबे समय से कप्तान हैं, लेकिन वह खुद में सुधार नहीं कर पा रहे हैं। बाबर आजम के इस्तीफा देने की स्थिति में शाहीन अफरीदी को व्हाइट बॉल क्रिकेट में कप्तान बनना चाहिए। उन्होंने लाहौर कलंदर्स के लिए आक्रामक कप्तानी की है।
मलिक और बाबर के बीच पहले भी मतभेद की खबरें आती रही हैं। पिछले साल टी20 विश्व कप से पहले शोएब मलिक को टीम से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद कई दिग्गजों ने मलिक को टीम में शामिल करने की हिदायत दी थी। यहां तक की मोहम्मद हफीज ने यह तक कह दिया था कि मलिक को इस वजह से शामिल नहीं किया गया क्योंकि बाबर अपने दोस्तों को टीम में शामिल करना चाहते थे। खुद शोएब मलिक ने भी नाराजगी जाहिर की थी। अब मलिक ने बाबर पर निशाना साधा है।
हालांकि, यह आलोचना पाकिस्तान के महान बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ को पसंद नहीं आई और उन्होंने न केवल मलिक पर निशाना साधा बल्कि पैनल का हिस्सा रहे दिग्गज वसीम अकरम की भी आलोचना की। मलिक के इस बयान से निराश पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज यूसुफ ने उनकी टिप्पणी के समय को लेकर उनकी आलोचना की और कहा कि भारत से हार के बाद भारी दबाव के बीच मलिक को इस तरह की टिप्पणी करने के बजाय अपने कप्तान का समर्थन करना चाहिए।
उन्होंने इसके बाद दिग्गज इमरान खान का नाम लेते हुए कहा कि इमरान ने भी कप्तान के रूप में अपने तीसरे प्रयास में विश्व कप जीता था, लेकिन मलिक के पैनल में शामिल अकरम को 41 वर्षीय खिलाड़ी को टोकने के लिए फटकार लगाई।
यूसुफ ने कहा, 'विश्व कप के दौरान मुझे नहीं लगता कि किसी को इस बारे में बात करनी चाहिए। दूसरी बात, इमरान खान ने 1983 और 1987 में कप्तानी की और 1992 में अपने तीसरे प्रयास में जीतने से पहले पिछली दोनों बार हार गए। किसी भी अच्छे खिलाड़ी को लंबे समय तक कप्तान बने रहने देना चाहिए। बाबर कप्तान है क्योंकि उसके पास क्षमता है। बाबर इसलिए कप्तान नहीं बने क्योंकि उनकी पीसीबी अध्यक्ष से अच्छी बनती है। वह वास्तविक कप्तान हैं। इसलिए इस तरह से उनके बारे में बात करना पाकिस्तान के लिए और साथ ही उनके लिए भी नुकसानदायक है। खासकर भारत के खिलाफ उस हार के बाद भारी दबाव के बीच इस तरह का बयान! मैं हैरान हूं कि वहां बैठे वसीम अकरम ने भी उन्हें नहीं रोका।