वीरेंद्र सहवाग, भारतीय टीम का एक ऐसा सलामी बल्लेबाज जो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस कर देता था। सहवाग ने बतौर ओपनर बल्लेबाजी को नया रंग दिया। जिसमें वह गेंद को छोड़कर नहीं, बल्कि पीटकर उसके रंग को उतारने में माहिर थे। ऐसी ही एक धमाकेदार पारी खेली थी सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाफ।
2011 विश्व कप के सेमीफाइनल में जब भारत-पाकिस्तान भिड़े थे, तो पूरे देश के क्रिकेट प्रेमियों में गजब का जोश था। दर्शकों के इस जोश को भारत के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने शुरुआत में ही ताबड़तोड़ चौके लगाकर दोगूना कर दिया था।
सचिन के साथ पारी का आगाज करने आए सहवाग ने पाकिस्तान के तेज गेंदबाज उमर गुल के एक ही ओवर में ताबड़तोड़ पांच चौके लगाए। सहवाग के विस्फोटक अंदाज ने पूरी पाकिस्तानी टीम का मनोबल तोड़ दिया।
लगातार चार गेंदों पर चार चौके लगने के बाद उमर गुल की लाइन लेंथ ऐसी बिगड़ी की ओवर की पांचवी गेंद गुल ने नो बॉल फेंकी, आक्रमक रूप धर चुके सहवाग ने उस गेंद पर एक्सट्रा कवर ड्राइव लगाकर सीमा रेखा के बाहर भेंज दिया।
आमतौर पर उमर गुल गेंदबाजी की शुरुआत नहीं करते, वो पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराते हैं, लेकिन उस दिन कप्तान शाहिद आफरीदी ने शुरू में ही गुल को गेंद थमा दी और उसके बाद ने सहवाग ने जो गुल की बखिया उधेड़ी, उसके बाद पाकिस्तानी टीम के कंधे झूक गए, जो फिर दोबारा नहीं उठे।
गुल का यह ओवर भारतीय पारी का तीसरा ओवर था, इस ओवर में 21 रन बने। अफरीदी ने गुल की हर एक गेंद पर फील्डिंग में बदलाव किए, लेकिन सहवाग ने अपने बेहतरीन पुश और पुल शॉट दिखाते हुए विरोधी कप्तान के हर दांव को फेल कर दिया।