सहवाग के इस ट्वीट पर लोगों ने जमकर उनके विरोध में कमेंट किए। लोगों ने आरोप लगाए कि सहवाग ने जान-बूझकर वहां सिर्फ विशेष समुदाय के लोगों के नाम मेंशन किए, जबकि आदिवासी को मारने वाली भीड़ में और भी समुदाय और धर्म के लोग थे। लोगों का कहना है कि, '
सहवाग अपने राजनीतिक फायदे को देखते हुए इस मुद्दे को धार्मिक रंग देने की कोशश कर रहे हैं।'
गौरतलब है कि अट्टापड़ी इलाके में रहने वाले 27 साल के मधु नाम के आदिवासी युवक को स्थानीय लोगों ने चोरी के आरोप में हाथ-पैर बांधकर खूब पीटा था। इस घटना में उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसमें मनु दोमाधरन, जोनाथन जोसफ आदि का नाम भी शामिल है।