इस मामले में सहवाग ने गलती मानते हुए लिखा, 'गलती को गलती न मानना दूसरी बड़ी गलती है। मैं माफी चाहूंगा कि मुझसे और लोगों के नाम अधूरी जानकारी की वजह से छूट गए। मैं इसके लिए तहेदिल से माफी मांगता हूं, लेकिन मेरा ट्वीट किसी भी तरह से सांप्रदायिक नहीं था। हत्यारे धार्मिक रूप से अलग भले हों लेकिन हिंसक मानसिकता की वजह से वे एक हैं।'
इससे पहले सहवाग ने जो ट्वीट किया था उसमें लिखा था कि यह सभ्य समाज के लिए कलंक की तरह है। उन्होंने ट्वीट पर तीन आरोपियों के नाम भी लिखे जो मुस्लिम हैं। यह व्यापक रूप से मुसलमानों द्वारा एक हिन्दू की हत्या का मामला लगा। आठ घंटे के अंदर सहवाग के ट्वीट पर तीन हजार लोगों ने जवाब दिया।