पूरी संभावना है कि भारत इस मैच में चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरेगा। इससे पहले जोहानिसबर्ग (2018) और पर्थ (वाका, 2012) में वह ऐसा कर चुका है। कोहली ने कहा, 'मैं पिछले दस वर्षों से दुनिया भर में खेला हूं और ईमानदारी से कहुं तो जोहानिसबर्ग जैसे विकेट पर मैं कभी नहीं खेला। हम इस तरह की पिचों से अनभिज्ञ नहीं है और यह उनके लिये नयी नहीं है। हम जानते हैं कि इस तरह की पिच से क्या उम्मीद करनी है।'
उन्होंने कहा, 'अगर आप 20 विकेट हासिल नहीं करते हो तो आप टेस्ट मैच नहीं जीत सकते फिर चाहे आपका स्कोर 600 हो या 700 या 800 रन। अगर आपने 300 रन बनाये हैं और आपके पास 20 विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं तो एक टीम के लिये यह अच्छा है। पिछले तीन दौरों में उन्होंने जैसी गेंदबाजी की वह शानदार है। वे विकेटों के भूखे हैं और आसानी से रन नहीं देते।'
कोहली ने इसके साथ ही कि टीम को केवल एक जीत से संतोष नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हमें केवल एक जीत से संतुष्ट या आत्ममुग्ध नहीं होना चाहिए। हमें सीरीज जीतने के लिये अच्छा प्रदर्शन जारी रखना होगा। विदेशों में खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन स्वदेश में भी मैच जीतने के लिये आपको लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होता है। हम इस पर काम कर रहे हैं।'