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राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में इनका मुख्यमंत्री बनना संभव, तीनों में ये बात कॉमन

Thu, 13 Dec 2018 02:04 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ये हैं मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे - फोटो : Amar Ujala
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मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के खेमे में हलचल तेज हो रही है। दिल्ली में राहुल गांधी के घर बैठकों का दौर जारी है। अब तक जो खबरें सामने आई हैं, उनके मुताबिक ये तीन चेहरे सबसे आगे हैं। खास बात ये है कि इन्हीं तीन लोगों के हाथ में ही प्रदेश संगठन की कमान थी। 

मध्यप्रदेश में कमलनाथ आगे

कमलनाथ और ज्योतिरादित्य के बीच चल रही दौड़ में दिग्गज नेता कमलनाथ को सबसे आगे बताया जा रहा है। कमलनाथ, छिंदवाड़ा से सांसद हैं। वो नौ बार यहां से चुने गए।  कुछ महीने पहले जब अरुण यादव से पार्टी की कमान छीनकर कमलनाथ को दी गई तो इसको लेकर काफी चर्चा हुई। कुछ धड़ों में नाराजगी भी दिखी। लेकिन आज पीछे मुड़कर देखा जाए तो ये पार्टी के लिए खरा सौदा साबित हुआ। कमलनाथ ने पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर अलग-अलग तबकों से बात की, मुलाकात की। जहां जरूरत थी वहां लोगों को समझाया। पुराने रिश्ते फिर खंगाले। नए रिश्तों को बनाने की कोशिश की। हालांकि, इन कोशिशों में कुछ वायरल होते वीडियो ने स्पीड ब्रेकर का काम भी किया लेकिन कांग्रेस की गाड़ी धीमे-धीमे ही सही आगे खिसकती रही। 

राजस्थान में गहलोत नहीं पायलट आगे हैं

अब तक सूबे में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सुई अटकी हुई बताई जा रही थी। विधायकों का एक धड़ा पायलट के पक्ष में है तो दूसरा गहलोत के। एक तीसरा धड़ा सीपी जोशी के समर्थन में भी खड़ा बताया जा रहा है। आज सुबह से ही राहुल गांधी के आवास पर बैठकों का दौर जारी है। 
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बुधवार शाम तक खबर थी कि एक सीएम और दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला निकाला गया है। जिसमें गहलोत को सीएम और पायलट और जोशी को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। लेकिन अब खबर आ रही है कि पायलट के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। दरअसल, बड़ी संख्या में विधायक पायलट के समर्थन में हैं और उनके नाम को लेकर नारेबाजी भी कर चुके हैं। 
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छत्तीसगढ़ में इस चेहरे पर दांव मुमकिन

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने सबसे प्रचंड जीत हासिल की है। यहां पहले चार नाम सियासी फिजा में तैर रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता विपक्ष टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू और चरणदास महंत। फिलहाल बघेल का नाम सबसे ऊपर है। 

बघेल मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष हैं। अब जब जीत दमदार है तो कार्यकर्ताओं और नेताओं में दम फूंकने का काम करने वाले को इनाम का इंतजार भी होगा। ये भी याद रखना होगा कि सीडी कांड में जेल जाने के बावजूद वो लड़ते रहे, भाजपा पर हमलावर बने रहे। बघेल को ओबीसी का बड़ा नेता माना जाता है। छत्तीसगढ़ में ओबीसी की आबादी करीब 36 फीसदी है। वो अविभाजित मध्यप्रदेश में दिग्विजय सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
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