विराट कोहली ने टेस्ट की कप्तानी से भी इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले वह टी-20 और वनडे की कप्तानी से भी हट चुके हैं। विराट सात साल पहले 2014 के दिसंबर में कप्तान बने थे। तब से लेकर अब तक उन्होंने टीम इंडिया को दुनिया का सबसे बेहतरीन टेस्ट टीम बना दिया। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के पहले संस्करण में विराट की कप्तानी में टीम इंडिया फाइनल में पहुंची, जहां उन्हें न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
शानदार रहा है विराट का करियर
डेब्यू से लेकर अब तक का विराट का टेस्ट में सफर शानदार रहा है। तब पांचवें नंबर के इस बल्लेबाज ने करियर की शुरुआत राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण जैसे बल्लेबाजों के देखरेख में की। हालांकि, तब विराट की प्लेइंग-11 में जगह पक्की नहीं थी। जनवरी 2012 में द्रविड़ और लक्ष्मण के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्हें पक्के तौर पर टीम में जगह मिली। इसके बाद से विराट ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
2014 में टेस्ट कप्तान बने थे कोहली
2014 की शुरुआत में वीरेंद्र सहवाग और जहीर खान ने भी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इसी साल दिसंबर में भारत ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। टूर के लिए महेंद्र सिंह धोनी को कप्तान बनाया गया। टूर के पहले टेस्ट में वे चोट की वजह से नहीं खेले और विराट कप्तान बनाए गए। दूसरे टेस्ट में धोनी ने वापसी की और कप्तानी भी संभाली। हालांकि, इस टेस्ट में भारत को ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। वहीं, विराट को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
विराट जीत के मामले में धोनी से भी आगे
तब से लेकर अब तक उन्होंने 68 टेस्ट में भारत की कप्तानी की। इसमें से टीम इंडिया ने 40 टेस्ट जीते हैं और 17 में हार मिली। 11 टेस्ट ड्रॉ रहे। उन्होंने धोनी के सबसे ज्यादा टेस्ट में कप्तानी के और सबसे ज्यादा जीत के, ये दोनों रिकॉर्ड तोड़ दिए। धोनी ने 60 टेस्ट में कप्तानी की थी और 27 में जीत दिलाई थी। 18 में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था और 15 मैच ड्रॉ रहे थे।
विराट की कप्तानी में नंबर-1 बनी टीम
2014 में जब कोहली ने कप्तानी संभाली थी, तब टीम इंडिया का टेस्ट में रैंक सात था। उन्होंने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को टेस्ट में नंबर-1 बनाया। 2014 से लेकर अब तक कुल 47 महीने टीम इंडिया नंबर-1 रैंक पर रह चुकी है। धोनी के कप्तानी से हटने के बाद टीम इंडिया जनवरी से फरवरी 2016 और अगस्त 2016 में 1-1 महीन के लिए यह रैंक हासिल की थी। इसके बाद टीम अक्टूबर 2016 से अप्रैल 2020 तक नंबर-1 पोजिशन पर रही।
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को हराया
विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने इतिहास रचा। टीम ने 2018 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। तब ऑस्ट्रेलियाई टीम को सीरीज जीतने के लिए फेवरेट माना जा रहा था। कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराया। इसके बाद 2021 में इंग्लैंड को भी 2-1 से पीछे छोड़ रखा है। इस सीरीज का पांचवां और आखिरी टेस्ट खेला जाना है। पर दो ऐसे देश जहां दूसरी टीम का जीतना लगभग नामुमकिन होता है, वहां कोहली ने टीम इंडिया को जीत दिलाई।
अभी भी नंबर एक है टीम इंडिया
मार्च 2021 में एक बार विराट एंड कंपनी ने टेस्ट में यह रैंक हासिल की। इसी साल जून में न्यूजीलैंड के हाथों विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल हारकर टीम नंबर एक के पोजिशन से हट गई थी। हालांकि, साल 2021 का अंत टीम ने पहले रैंक पर रहते हुए ही किया। दिसंबर में न्यूजीलैंड को मुंबई टेस्ट में हराकर टीम इंडिया फिर नंबर 1 बन गई। दिसंबर के बाद अब जनवरी में भी टीम नंबर एक पर बरकरार है। अब विराट के कप्तानी छोड़ने के बाद ये देखने वाली बात होगी कि कौन इस चैंपियन टीम की बागडोर संभालता है।
वनडे में धोनी कोहली से आगे हैं
वनडे में विराट ने 95 मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी की है। इसमें से भारत ने 65 मैच जीते हैं और 27 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। एक मैच टाई रहा और दो का कोई नतीजा नहीं निकला। वनडे में भारत के सबसे सफल कप्तान धोनी रहे। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने 200 में से 110 मैच जीते। वहीं, 74 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। पांच मैच टाई और 11 का कोई नतीजा नहीं निकला।
टी-20 में भी कोहली ने बेहतरीन कप्तानी की
टी-20 की बात करें तो कोहली ने 50 मुकाबलों में टीम इंडिया की कप्तानी की है। इसमें से टीम ने 30 मैच जीते हैं और 16 में हार का सामना करना पड़ा है। दो मैच टाई रहे और दो का कोई नतीजा नहीं निकला। वहीं, धोनी ने छोटे फॉर्मेट में 72 मैचों में कप्तानी की है। इसमें से 41 में टीम ने जीत हासिल की। 28 मैच भारत ने गंवाए हैं, एक मैच टाई और दो का कोई नतीजा नहीं निकला।
विराट की कप्तानी में 4 आईसीसी टूर्नामेंट से बाहर हुए
2016 में धोनी ने सभी फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ने का फैसला लिया था। इसके बाद टीम इंडिया ने चार आईसीसी टूर्नामेंट खेले हैं। यह सभी विराट की कप्तानी में खेले गए। टीम इन सभी में चोकर साबित हुई और नॉकआउट राउंड में जाकर बाहर हो गई। 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को हराया। वहीं, 2019 वनडे विश्व कप में टीम इंडिया को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने हराया था। 2021 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में एक बार फिर न्यूजीलैंड ने ही शिकस्त दी। 2021 टी-20 विश्व कप में टीम इंडिया सुपर-12 राउंड से बाहर हो गई।