टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी और वर्तमान कप्तान विराट कोहली ने बीसीसीआई को अनकैप्ड खिलाड़ियों की सैलरी में बदलाव करने को लेकर सलाह दी है। दोनों ने बीसीसीआई को सैलरी कैप लागू करने के लिए कहा है।
बीसीसीआई के एक सूत्र ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' से बातचीत में बताया, “इसका एक क्लासिक मामला केसी करियप्पा हैं, जिन्हें साल 2015 में केकेआर ने 2.4 करोड़ रुपए में खरीदा था। वह कर्नाटक प्रीमियर लीग में कुछ मैच खेले, लेकिन कर्नाटक की रणजी टीम की ओर से नहीं खेले। ये साफतौर पर सभी फर्स्ट क्लास खिलाड़ियों के लिए गलत संदेश है। एक तरफ हमारे पास कुछ खिलाड़ी हैं, जो बिना रुके रणजी मैच खेलते हैं और पूरे सीजन में 10 से 12 लाख रुपए कमाते हैं और ये लड़के बहुत ज्यादा कमाते हैं। धोनी और कोहली का मानना है कि ये सही नहीं है और बीसीसीआई को इन खिलाड़ियों पर सैलरी कैप रखना चाहिए।'
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इसी तरह एक और खिलाड़ी टी नटराजन हैं, जो आईपीएल के पिछले सीजन किंग्स इलेवन पंजाब में अनकैप्ड खिलाड़ी थे। वह नीलामी में 3 करोड़ रुपए में बिके थे। पवन नेगी 8.5 करोड़ में बिके थे।
हालांकि एमएस धोनी और विराट कोहली मानना है कि इतनी ज्यादा सैलरी मिलने से कुछ खिलाड़ियों की निगाहों में घरेलू क्रिकेट की अहमियत कम हो गई है। इसलिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट का महत्व भी कम हुआ है।
बता दें कि धोनी अपने घरेलू राज्य झारखंड के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं, उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी बात को कठोरता पूर्वक रखी है। दोनों धोनी और कोहली ने बीसीसीआई को सैलरी कैप लागू करने के लिए कहा है। दोनों का मानना है कि जो खिलाड़ी लगातार रणजी मैच खेलते हैं, उन्हें अच्छा सैलरी दिया जाना चाहिए। हालांकि धोनी और कोहली के इस सलाह को बीसीसीआई की गवर्निंग काउंसिल 6 दिसंबर को मीटिंग में इस पर विचार करेगी।