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विराट कोहली: समय के साथ और निखरते जा रहे भारतीय कप्तान

Sat, 06 Oct 2018 08:53 AM IST
शरद मिश्र, अमर उजाला
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virat kohli records
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विराट कोहली अब क्लास क्रिकेट की ओर बढ़ चले हैं। पिछले 1 साल की उनकी क्रिकेट तो यही कह रही है। इस साल की शुरुआत में पहले दक्षिण अफ्रीका और बाद में ब्रिटेन की कहर बरपाती पिचों पर धैर्यपूर्वक बल्लेबाजी का नजारा पेश करते हुए उन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का तमगा आखिरकार हासिल कर ही लिया।

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2018 के इंग्लैंड दौरे पर सबकी निगाह विराट पर थीं। सब उनके फ्लॉप या हिट होने पर अटकलबाजी लगाए हुए थे क्योंकि कोहली ने 2014 के इंग्लैंड दौरे में 5 टेस्टों की 10 पारियों में महज 134 रन बनाए थे। उन्हें इसका काफी अफसोस भी था। मगर दृढ़ संकल्प के धनी जुझारू कोहली ने पासा पलट दिया। कोहली ने उन्हीं ब्रितानी पिचों पर इस बार 5 टेस्टों की 10 पारियों में 593 रन ठोंक कर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सबके सामने रख दिया। 

सीरीज के पहले ही मैच में जब भारतीय बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह ढह रहे थे तब विराट ने दबाव के बीच शानदार बल्लेबाजी की और अंत में 149 रन बनाकर आउट हुए। यह पारी शायद विराट के आगामी 5 -6 सालों के क्रिकेट की बुनियाद सिद्ध हो। विराट ने दबाव के बीच इस पारी के जरिए दुनिया के क्रिकेट पंडितों को संकेत दे दिए कि अब उनकी क्रिकेट 'क्लास' होती जा रही है। 
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इंग्लैंड दौरे से पहले सब तरफ से उन पर दबाव था। जेम्स एंडरसन सहित सारे गेंदबाज कोहली को ही टारगेट किए हुए थे। 2014 में कोहली के लिए काल बने एंडरसन तो उन्हें इस बार आउट करने के लिए खासे उत्साहित थे। लेकिन पूरी सीरीज में दृढ़ संकल्प के साथ विराट का बल्ला ऐसा चला कि एंडरसन उन्हें एक बार भी आउट नहीं कर पाए। सीरीज में विराट के बेहतर प्रदर्शन के बाद भी हालांकि टीम इंडिया 4-1 से सीरीज हार गई। लेकिन ऐसी हार उनके क्रिकेट में निखार लाने में मदद की है। उनमें अब क्रिकेट का डीप सेंस आ रहा है। विराट में सचिन तेंदुलकर जैसा धैर्य और 'क्लास' नजर आ रहा है। 

पिछले 5 सालों में घर के अलावा दुनिया में हर जगह उनका बल्ला चला लेकिन उन्हें सेंस के साथ सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज कहने पर क्रिकेट पंडित कतराते रहे, क्योंकि 2014 में ब्रितानी धरती पर उनका बल्ला नहीं चला था। इस पर ध्यान रखते हुए विराट ने अपना अभ्यास जारी रखते हुए अपने मनोबल को कायम रखा। नतीजा आज सबके सामने है। 

29 साल के विराट ठीक एक माह बाद यानी 5 नवंबर को उम्र के 30 वें पड़ाव पर होंगे। क्रिकेट में कोई भी बल्लेबाज अपनी उम्र के 30-35 के दौर में सबसे बेहतर खेल दिखाता है। विराट के लिए अब उम्र का यह दौर शुरू होने वाला है। राजकोट में खेली गई पारी में विराट शतक से पहले काफी शांत रहे। आक्रमण नहीं किया। शतक तक महज 7 चौके मारे। 

ऐसा अमूमन उनकी पारी में देखने को नहीं मिलता है। इस पारी में शतक से पहले उन्होंने ऑन द राइस कवर ड्राइव और अपना मनपसंद फि्लक शॉट बिलकुल नहीं खेला। यह दोनों शॉट एशिया की बाहर की पिचों पर खेलना आसान नहीं है। ऐसा लग रहा है कि विराट अब अपनी हर पारी इंग्लैंड -ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की पिचों को ध्यान में रखकर खेल रहे हैं। यह निश्चित तौर पर विराट के 'बड़े' होने का संकेत हैं। 

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शादी के बाद से 2018 में विराट लगातार काफी मैच्योर क्रिकेट खेल रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका में 4 शतक, इंग्लैंड में 2 शतक और अब राजकोट में फिर से शतक कुल मिलाकर विराट के बढ़ते क्रिकेट सेंस की कहानी कह रहे हैं। घर में तो पिछली 5 पारियों में वह 4 शतक लगा चुके हैं । पिछली पांच पारियों का उनका स्कोर है 104 नाबाद, 213, 243, 50 और 139 रन। 

आईपीएल के दौरे की नई पीढ़ी अब रिकॉर्ड को जहन में रखकर बल्लेबाजी करने नहीं उतरेगी। पृथ्वी शॉ ने अपने पहले टेस्ट में ही बेखौफ बैटिंग की है। ऋषभ पंत, हनुमा विहारी, करुण नायर, मयंक अग्रवाल जैसे सितारे भी स्मार्ट क्रिकेट खेलने को तैयार हैं। ऐसी बेखौफ नई जनरेशन के साथ क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए जिस सेंस की जरूरत थी, वह विराट अपने में विकसित करते जा रहे हैं। 2019 में धोनी के रिटायरमेंट के बाद टीम इंडिया में काफी बदलाव आएगा। रणनीति से लेकर चेहरे सभी बदलेंगे। लिहाजा तब इस सेंस की सबसे ज्यादा जरूरत होगी।

पिछले साल विराट कोहली स्पष्ट कर चुके हैं कि वह फिट रहे तो आगाामी 7-8 साल और क्रिकेट खेलेंगे। 2019 में इंग्लैंड के बाद 2023 का विश्वकप भारत में खेला जाना है। लिहाजा विराट अपने लिए 2024-25 तक का समय तय किए हुए हैं। तब तक नई पीढ़ी के साथ टीम को बेहतर संतुलन देने के लिए कैप्टन विराट कोहली को इस तरह के सेंस की निहायत आवश्यकता थी।  

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भारत और वेस्टइंडीज के बीच राजकोट में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय टीम के नए स्टार और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत भले ही अपने दूसरे टेस्ट शतक से चूक गए और 92 रन पर आउट हो गए, लेकिन उनकी इस पारी ने करोड़ों फैंस का दिल जीत लिया। पंत अपने शतक से केवल 8 रन से चूक गए, लेकिन दूसरे दिन उन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की खूब धुनाई की।
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पंत ने अपनी इस पारी में 8 चौके और 4 आसमानी छक्के लगाए। पंत पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद 20 गेंद पर 17 रन पर नाबाद थे लेकिन दूसरे दिन उन्होंने शुरुआत से ही तेज बल्लेबाजी की। उनकी मानसिकता इस बात ये भी समझ सकते हैं कि उन्होंने अपने 50 रन भी छक्के की मदद से पूरे किए। इस दौरान उन्होंने अपने कप्तान विराट कोहली के साथ मिलकर 133 रन की साझेदारी भी की।

विराट का 24वां टेस्ट शतक

पहले टेस्ट के दूसरे दिन विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर का 24वां शतक पूरा किया। शानदार फॉर्म में चल रहे विराट ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की अच्छी खासी क्लास लगाई और मैदान के हर कोने में शॉट खेले।

विराट ने अपनी इस पारी में 7 चौके लगाए। वैसे विराट अब तक अपने करियर में 71 टेस्ट में करीब 54 की औसत से 6150 से ज्यादा रन बनाए हैं। इस दौरान विराट ने 24 शतक और 19 अर्धशतक लगाए। टेस्ट क्रिकेट में विराट ने 6 दोहरे शतक भी लगाए हैं।

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