बता दें कि बांग्लादेशी टीम नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद में प्रवेश ही करने वाली थी और खिलाड़ी बाल-बाल बचे। सभी क्रिकेटर सुरक्षित हैं। लेकिन इसके बाद अधिकारियों ने शनिवार से शुरू होने वाले तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच को रद्द कर दिया।
वहीं, बांग्लादेश क्रिकेट टीम के मैनेजर खालिद मसहूद ने कहा कि वे काफी खुशकिस्मत रहे क्योंकि अगर तीन चार मिनट पहले पहुंचे होते तो मस्जिद के भीतर होते। उन्होंने कहा, 'यह ऐसी घटना थी जिसके बारे में कोई सोच नहीं सकता था। हम खुशकिस्मत हें कि हम बस में थे। सौम्या सरकार भी वहां था। हम मस्जिद में नमाज पढने जा रहे थे।'
बताया जा रहा है कि हमलावर ने 17 मिनट की इस घटना को फेसबुक पर लाइव किया था। हमलावर का नाम ब्रेंटन टैरैंट है जो ऑस्ट्रेलिया में पैदा हुआ है। उसने गुरुवार रात को फेसबुक पर पोस्ट के जरिए इस हमले के बारे में जानकारी दी थी। अपनी मंशा को उसने 37 पेजों के एक मैनिफेस्टो के जरिए जाहिर किया था। इस मैनिफेस्टो को उसने द ग्रेट रिप्लेसमेंट यानी महान बदलाव का नाम दिया है। इसे मैसेज बोर्ड वेबसाइट पर पोस्ट किया गया था। उसने खुद को एक साधारण श्वेत शख्स बताया है जिसका जन्म एक कम आय वाले परिवार में हुआ है।