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भुवनेश्वर की गेंदबाजी हुई बेकार, जीत गई अश्विन की टीम

Thu, 24 Dec 2015 05:03 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार इस बार अपनी टीम के लिए ओपनिंग करने आए लेकिन उनकी नाकामी का सिलसिला खत्म नहीं हुआ। प्रवीण के नाकाम होने से टीम संकट में पड़ गई, हालांकि रिंकू सिंह की साहसिक पारी ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा दिया। लेकिन रोमांचक हुए मुकाबले में बाबा इंद्रजीत (48) ने साहसिक पारी खेलकर तमिलनाडु को जोरदार जीत दिला दी। इस जीत के साथ अश्विन की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई।
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बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए विजय हजारे ट्रॉफी के तीसरे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में तमिलनाडु के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए उत्तर प्रदेश की पूरी टीम 48.2 ओवर में 168 रन बनाकर आउट हो गई। यूपी की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने 6 रन पर पहला विकेट गंवाने के बाद 41 रन तक 5 विकेट खो दिए। यूपी के लिए प्रवीण कुमार शुभम चौबे के साथ पारी की शुरुआत करने आए लेकिन पहले ही ओवर में चौबे 6 रन बनाकर आउट हो गए।

इसके बाद यह पूर्व अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज भी 7 रन बनाकर चलता बना। प्रवीण रन बनाने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे हैं लेकिन नाकामी अभी भी जारी है। यूपी के कप्तान एकलव्य द्विवेदी तो खाता भी नहीं खोल सके। रिंकू सिंह ने 97 गेंदों में 60 रनों की पारी खेलकर टीम का स्कोर 160 के पार पहुंचा दिया। पीयूष चावला (29) ने 62 गेंदों का सामना किया। तमिलनाडु के कप्तान आर अश्विन ने इस मैच में 10 ओवर में 3 मेडन के साथ 27 रन देकर 2 विकेट लिए। तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी ने भी 3 विकेट झटके।
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‌भुवनेश्वर की गेंदबाजी गई बेकार,

तमिलनाडु के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी के तीसरे क्ववार्टर फाइनल मुकाबले में यूपी के बल्लेबाज भले ही न चले सके हों लेकिन 169 रनों का लक्ष्य देने के बाद गेंदबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए मजबूत तमिलनाडु टीम के बल्लेबाजी क्रम को तोड़ने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। राजगोपाल सतीश के नाबाद 34 रनों की पारी की बदौलत तमिलनाडू ने यूपी को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और प्रवीण कुमार ने सटीक गेंदबाजी से शुरुआत की और 8 ओवर के अंदर ही 17 रन पर 4 विकेट झटक लिए। बल्लेबाजी में नाकाम रहने के वाले प्रवीण ने पहले ही ओवर में दिनेश कार्तिक (0) को कैच आउट करा दिया। इसके बाद भुवनेश्वर ने अभिनव मुकुंद (2), बाबा अपराजित (9) और लक्ष्मीपति बालाजी (0) को सस्ते में निपटाकर टीम की संघर्ष में वापसी करा दी।

तमिलनाडू की ओर से मुरली विजय (33), बाबा इंद्रजीत (48) और राजगोपाल सतीश (नाबाद 34) की शानदार बल्लेबाजी ने आखिर में मैच रोमांचक कर दिया। लेकिन 41 वें ओवर में यूपी के फिरकी गेंदबाज पीयूष चावला ने पहले आर अश्विन (7) और अश्विन क्रिस्ट (4) को आउट कर मैच पलटने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। तमिलनाडु ने यह मैच 52 गेंद रहते अपने नाम कर लिया।

अक्षर पटेल ने टीम को दिलाई बड़ी जीत

गुरुवार को बंगलुरू के अल्लूर में चल रहे विजय हजारे ट्रॉफी सीरीज के चौथे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गुजरात ने विदर्भ को चौंकाया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनने का फैसला विदर्भ के लिए अच्छा तो रहा लेकिन खुशी ज्यादा देर नहीं ठहरी। पहले विकेट के लिए 96 रन जोड़ने के बाद पूरी टीम 195 रनों पर ऑलआउट हो गई।

अक्षर पटेल (36 रन और 2 विकेट) ने शानदार गेंदबाजी के बाद बल्ले से भी जौहर दिखाया और टीम को जीत दिलाई। विदर्भ के 195 रनों के जवाब में गुजरात ने लक्ष्य को दो विकेट और 11 गेंद रहते हासिल किया। वहीं, पार्थिव पटेल ने भी शानदार 10 चौकों के साथ 57 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली।

इससे पहले विदर्भ टीम के दोनों ओपनरों जितेश शर्मा (51) और फैज फैजल (52) ने पहले विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी की। दोनों ने शानदार अर्धशतक जमाया। लेकिन इसके बाद लगातार गिरते विकेटों से टीम बैकफुट पर आ गई। टीम के 6 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू पाए।

गुजरात की ओर से सबसे ज्यादा विकेट जसप्रीत बुमराह ने 4 विकेट झटके। जबकि अक्षर पटेल और राजुल भट्ट को दो-दो सफलता मिली।

धोनी का बल्ला चला, 5 चौके और 4 छक्के से बनाए 70 रन

भारत की वनडे टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की नाबाद अर्धशतकीय पारी के बावजूद झारखंड को विजय हजारे ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दिल्ली के खिलाफ 99 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत से दिल्ली सेमीफाइनल में प्रवेश कर गई। 8 साल बाद झारखंड के लिए खेलने उतरे धोनी का बल्ला आखिरकार इस मैच में चल ही गया लेकिन टीम को हार को साथ ही टूर्मामेंट से बाहर होना पड़ गया।

बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली की ओर से रखे गए 226 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी झारखंड टीम 38 ओवर में ही 126 रन पर ढेर हो गई। उसकी ओर से धोनी ने सबसे अधिक 108  गेंदों पर 5 चौकों और 4 छक्कों की मदद से नाबाद 70 रन बनाए। झारखंड के 8 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। झारखंड की ओर से राहुल शुक्ला ने सबसे अधिक तीन विकेट झटके।

इससे पहले झारखंड ने टॉस जीतकर दिल्ली को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। दिल्ली ने निर्धारित 50 ओवर में 225 रन बनाए। उसकी ओर से नीतीश राणा ने सबसे अधिक 44 रन बनाए। इसके अलावा पवन नेगी 38 रन बनाकर नाबाद लौटे वहीं शिखर धवन ने 27 रन बनाए। ऋषभ पंत 24 रन बनाकर पवेलियन लौटे। मनन शर्मा ने 21 रन का योगदान दिया। दिल्ली की ओर से पेसर सुबोध भाटी ने चार जबकि नवदीप सैनी ने तीन विकेट झटके।
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पंजाब को हराकर हिमाचल सेमीफाइनल में पहुंचा

अलूर में रोबिन बिष्ट (नाबाद 109) की शतकीय पारी की बदौलत हिमाचल प्रदेश ने विजय हजारे ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में पंजाब को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। पंजाब की ओर से रखे गए 264 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए हिमाचल ने 49.2 ओवरों में पांच विकेट पर 266 रन बनाए।

हालांकि हिमाचल की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसके ओपनर अंकुश बैंस नौ रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उस समय टीम का कुल स्कोर 18 रन था। इसके बाद पी चोपड़ा भी कुछ खास नहीं कर सके और वह 10 रन बनाकर चलते बने। इसके बाद बिष्ट ने पी डोगरा (32) के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की और दोनों बल्लेबाज कुल स्कोर को 50 रन के पार ले गए। डोगरा के आउट होने के बाद बिष्ट ने ऋषि धवन (41) के साथ पारी को आगे बढ़ाया। एन गंगटा ने 39 रन बनाए जबकि कप्तान बिपुल शर्मा 14 रन पर नाबाद लौटे। पंजाब की ओर से एस कौल ने सबसे अधिक तीन विकेट झटके।

इससे पहले, हिमाचल ने टॉस जीतकर पंजाब को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। पंजाब ने मनदीप सिंह (119) की शतकीय पारी की बदौलत 50 ओवर में आठ विकेट पर 263 रन बनाए  थे। उसकी ओर से  गुरकीरत सिंह ने 35 जबकि कप्तान हरभजन ने 25 रन बनाए थे। हिमाचल की ओर से धवन और पीपी जयसवाल ने तीन-तीन विकेट चटकाए।
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