स्वास्थ्य संकट का सामना करते हुए मानसिक पहलू के बारे में वेदा ने कहा कि उनकी मां और बहन भी बीमार रहते हुए बेहद तनाव में थीं। इस 28 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, 'मानसिक मजबूती महत्वपूर्ण है। मेरी बड़ी बहन वत्सला निधन से पहले बेहद डरी हुई थी।'
उन्होंने कहा, 'मेरी मां भी शायद घबराई हुई थीं क्योंकि निधन से एक रात पहले उन्हें पता चला था कि परिवार में बच्चों सहित सभी का परीक्षण पॉजिटिव आया है। मुझे नहीं पता लेकिन शायद इसका उन पर प्रभाव पड़ा था।' वेदा ने खुलासा किया कि वह स्वयं ही खुद से जुड़े मानसिक स्वास्थ्य के मसलों से निबटीं।
उन्होंने कहा, 'क्रिकेट खेलने वाले अधिकतर लोग मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जानते हैं लेकिन यह स्वीकार करना भी महत्वपूर्ण है कि यदि व्यवस्था आपके मानसिक स्वास्थ्य की मदद के लिए कुछ नहीं कर रही है तो फिर अगर आप सक्षम हैं तो आपको अपने लिए स्वयं सहयोग तलाशना होगा।'
भारत की तरफ से 48 वनडे और 76 टी-20 अंतरराष्ट्रीय खेलने वाली वेदा ने कहा, 'मुझसे भी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे थे और मैंने इसके लिए मदद ली थी।' भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की कोरोना के कारण अपने परिजनों को गंवाने वाले खिलाड़ियों से संपर्क नहीं करने के लिए आलोचना की गई थी जिसके बाद बोर्ड सचिव जय शाह ने वेदा को फोन किया था।
वेदा ने कहा, 'मैं उन लोगों से नाराज नहीं हूं, जिन्होंने मुझे फोन नहीं किया या संदेश नहीं भेजा। मैं उन सभी का आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने मेरी परवाह की। मुझे बीसीसीआई सचिव का फोन आया और ईमानदारी से कहूं तो मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब वह बंगलूरू आएंगे तो मुझसे मिलेंगे।'