क्या था कपिल का बयान?
कपिल देव ने कहा था "अगर दुनिया के दूसरे नंबर का टेस्ट गेंदबाज अश्विन टेस्ट टीम से बाहर हो सकता है तो आपका नंबर एक बल्लेबाज भी टीम से बाहर हो सकता है। अगर वो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं तो आप इन युवा खिलाड़ियों को लगातार टीम से बाहर नहीं रख सकते। मुझे उम्मीद है कि चयन के लिए अच्छी जंग होनी चाहिए। युवाओं को कोहली से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन विराट को सोचने की जरूरत है। हां, मैं एक समय बड़ा खिलाड़ी था। लेकिन अब मुझे फिर से नंबर एक खिलाड़ी की तरह खेलने की जरूरत है।"
कपिल की बात के जवाब में रोहित ने कहा था कि अगर आप फॉर्म की बात करते हैं तो हर खिलाड़ी उतार-चढ़ाव से गुजरता है। इससे खिलाड़ी की क्षमता नहीं प्रभावित होती। इसलिए हमें अपने दिमाग में ये सारी बातें रखनी चाहिए। जब कोई खिलाड़ी इतने सालों से अच्छा खेल रहा होता है तो एक या दो सीरीज उसे खराब खिलाड़ी नहीं बना देती। हमें उनके पिछले प्रदर्शन को नहीं भूलना चाहिए। हम जो टीम में हैं, हमें खिलाड़ियों की अहमियत पता है। उनको इस बारे में बात करने का पूरा अधिकार है, लेकिन यह हमारे लिए ज्यादा मायने नहीं रखता।
वेंकेटश प्रसाद ने विराट पर साधा निशाना
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने भी नाम लिए बिना विराट को टीम से बाहर करने की बात कही है। उन्होंने लिखा कि एक समय पर आप खराब फॉर्म होने पर टीम से बाहर जाते थे। चाह आप कितने भी बड़े खिलाड़ी क्यों न हों। सौरव गांगुली, सहवाग, युवराज, जहीर और भज्जी सभी खराब फॉर्म आने पर टीम से बाहर हुए हैं। घरेलू क्रिकेट में जाकर सभी ने वापसी की है। अब खराब फॉर्म होने पर आराम दिया जाता है। देश में बहुत ज्यादा प्रतिभा है आप अपने नाम के आधार पर नहीं खेल सकते। सभी के हित में फैसले लिए जाने की जरूरत है।