उन्मुक्त चंद का करियर कई तरह के उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। साल 2012 में भारत की अंडर-19 टीम को चैंपियन बनाने के बाद टीम इंडिया में उनका शामिल होना लगभग तय हो गया था, लेकिन वह लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। इसके बाद टीम इंडिया तो दूर दिल्ली की रणजी टीम से भी उन्हें बाहर कर दिया गया। आईपीएल में भी उन्हें नहीं खरीदा गया तो उन्मुक्त ने भारतीय क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया। इसके बाद वह अमेरिका में क्रिकेट खेलने लगे और बिग बैश लीग खेलने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर भी बने। अब उनमुक्त के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है।