पेन ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'यह अनुभवहीनता है। यह दबाव है। भारत का गेंदबाजी आक्रमण संभवत: इतना अच्छा है जितने अच्छे गेंदबाजों का सामना हमारे बल्लेबाजों ने अपने करियर में किया है। यह स्पष्ट है कि अगर आप दुनिया के किसी भी बल्लेबाजी क्रम से शीर्ष दो या तीन खिलाड़ियों को हटा दो तो आपको परेशानी का सामना करना होगा और आपके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी रहेगी। हम भी ऐसा ही देख रहे हैं।'
उन्होंने कहा, 'पर्थ में बेहद मुश्किल विकेट पर हमारे शीर्ष छह बल्लेबाज डटकर खेले और काफी अच्छा प्रदर्शन किया। इसमें कोई संदेह नहीं कि इस मैच में हमने थोड़ा निराश किया। ऐसा होता है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारे अंदर सुधार हो तथा हमारे अच्छे और बुरे प्रदर्शन में अधिक अंतर नहीं हो, पिछले दो टेस्ट में जैसा हुआ वैसा नहीं हो। लेकिन मुझे लगता है कि जब विश्व स्तरीय गेंदबाजी के खिलाफ आपके शीर्ष छह में अनुभवहीन खिलाड़ी होते हैं तो ऐसा सामान्य है।'
पेन ने कहा कि भारत के पास चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली जैसे दो विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो भारतीय पारी के स्कोर को 400 रन के पार ले गए जबकि ऑस्ट्रेलिया को स्मिथ और वॉर्नर की कमी खली।
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर आप भारतीय टीम से पुजारा और विराट को हटा दो तो उनकी टीम के साथ भी ऐसा ही होगा। फिलहाल यह चुनौतीपूर्ण है और सभी हताश हैं। लेकिन यह ऐसा ही है और सभी कड़ी मेहनत कर रहे हैं और हमें ऐसे खिलाड़ी मिल रहे हैं जिन्हें टेस्ट क्रिकेट में बेहद दबाव वाली स्थिति का अनुभव मिल रहा है और वे काम के लिए तैयार हो रहे हैं।'
पेन को मलाल है कि उनकी टीम ने भारत को पहली पारी में सात विकेट पर 443 रन बनाने दिए जिसके बाद उनकी टीम मैच में पीछे ही रही। सिडनी में तीन जनवरी से शुरू हो रहे चौथे और अंतिम टेस्ट की पिच से स्पिनरों को मदद मिल सकती है और ऐसे में ऑस्ट्रेलिया ने लेग स्पिन आलराउंडर मार्नस लाबुशेन को टीम में शामिल किया है।
पेन ने कहा, 'मार्नस को टीम में शामिल किया गया है, वह हमारे साथ सिडनी जाएगा जिसके बाद हम हालात को देखेंगे। सुनने में आ रहा है कि वहां की पिच काफी स्पिन करेगी, इसलिए एक बार स्वयं देखने के बाद हम उस टेस्ट के लिए सर्वश्रेष्ठ संयोजन पर विचार कर सकते हैं।'