ऑस्ट्रेलिया ने द एशेज के दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड को 275 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के टेबल पर भी काफी फर्क पड़ा है। ऑस्ट्रेलिया इस सीजन का यह अपना पहला टेस्ट सीरीज खेल रही है। इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्बेन में मिली जीत के साथ ही टीम श्रीलंका के साथ टॉप पर आ पहुंची थी।
अब दूसरे टेस्ट में जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने अपना दावा और मजबूत कर लिया है। ऑस्ट्रेलियाई टीम दो जीत, 24 अंकों और शत प्रतिशत जीत के रिकॉर्ड के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर है। श्रीलंका ने भी वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट खेले थे और दोनों में जीत हासिल की थी। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया अगर एक और मैच जीतता है, तो श्रीलंका से ऊपर पहुंच जाएगा।
वहीं, भारतीय टीम हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज जीतने के बावजूद खिसककर चौथे पायदान पर पहुंच गई है। भारतीय टीम के शीर्ष तीन टीमों के मुकाबले अधिक अंक हैं, बावजूद इसके वह अंक तालिका में श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान से नीचे है।
आईसीसी का नियम
दरअसल आईसीसी के नियम के अनुसार अंक तालिका के लिए जीत प्रतिशत देखा जाता है और ऐसे में श्रीलंका के 24 अंक और जीत का रिकॉर्ड शत प्रतिशत का है और इस वजह वह टॉप पर है। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने भी दो मैच खेले हैं और इसमें उसे जीत हासिल हुई है, जिसकी वजह से उसके 24 अंक हो गए हैं और जीत का प्रतिशत भी 100 का है और दूसरे स्थान पर पहुंच गई है।
भारत के मामले में टीम इंडिया को तीन जीत और एक हार मिली है और दो मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। धीमे ओवर रेट के कारण टीम इंडिया को दो प्वाइंट्स का नुकसान भी हुआ था। भारत का जीत प्रतिशत इस हिसाब से 58.33 का है और वह तीसरे पायदान पर है।
किस आधार पर मिलते हैं प्वाइंट
आईसीसी के नियमों के अनुसार एक मैच जीतने पर विजेता टीम को 12 प्वाइंट मिलते हैं। वहीं मैच ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को चार-चार प्वाइंट मिलते हैं और हारने वाली टीम को कोई प्वाइंट नहीं मिलता है।
मैच टाई होने पर दोनों टीमों को छह-छह प्वाइंट्स मिलते हैं। वहीं प्वाइंट्स टेबल की रैंकिंग इस आधार पर तय की जाती है कि एक टीम ने हर मैच में कितने प्रतिशत प्वाइंट हासिल किए हैं। एक मैच में कुल 12 प्वाइंट्स ही होते हैं।