इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले आगामी टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया पर उठ रहे सवालों को कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने नकार दिया है। धोनी ने कहा कि राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के संन्यास के बाद भारतीय टेस्ट टीम भले ही कागज पर कमजोर लग रही है, लेकिन वह इंग्लैंड के खिलाफ 15 नवंबर से अहमदाबाद में शुरू हो रही चार टेस्टों की सीरीज में शानदार प्रदर्शन करेगी। पिछले दिनों दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने मौजूदा टीम इंडिया को 30 वर्षों में सबसे कमजोर बताया था।
'ऊंचा है टीम का मनोबल'
अपने जिम 'स्पोर्ट्स फिट' का उद्घाटन करने पहुंचे धोनी ने कहा, 'मैं मानता हूं कि द्रविड़ और लक्ष्मण जैसे दिग्गजों के संन्यास लेने के बाद टीम इंडिया कागज पर कमजोर लग रही है। लेकिन टीम के मनोबल में कोई कमी नहीं है। वनडे में अच्छे प्रदर्शन के बाद हम आने वाले दिनों में बाकी दोनों फॉर्मेट में भी दमदार खेल दिखाएंगे।' उल्लेखनीय है कि टीम इंडिया को पिछले साल इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी थी।
सुनील गावस्कर ने हाल ही में कहा था कि मौजूदा भारतीय टीम पिछले तीन दशक में सबसे कमजोर टीम है। इस बारे में पूछने पर धोनी ने कोई सीधा जवाब दिए बिना कहा कि टीम भले ही कागज पर कमजोर नजर आ रही है लेकिन असल में ऐसा है नहीं और टीम एक इकाई के रूप में धीरे-धीरे अपनी लय पकड़ रही है।
'स्पोर्टिंग पिच की कोई परिभाषा नहीं'
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए स्पिनरों को मदद करने वाली पिच बनाने की उनकी पुरानी मांग के बारे में पूछने पर धोनी ने कहा, 'हम तो हर उस पिच पर खेलते हैं जो हमें खेलने को मिलती है। पिछले कई वर्षों से मैंने यहां ऐसी पिच नहीं देखी जिसमें कोई ऑफ स्पिनर बल्लेबाज को परेशानी में डाल सके। एक विकेटकीपर के लिए यह दुखदाई हो सकता है लेकिन साथ यह देखना दिलचस्प भी है।' उन्होंने कहा कि स्पोर्टिंग पिच की कोई परिभाषा नहीं है। हर देश में पिच का अलग-अलग मिजाज होता है। जैसी पिच विदेश में तेज गेंदबाजों को मदद करती है वैसी ही पिच भारतीय उपमहाद्वीप में टर्न लेती है।
'युवी खुद बताएं अपनी फिटनेस'
कैंसर ठीक होने के बाद टेस्ट टीम में जगह बनाने में जुटे बाएं हाथ के बल्लेबाज युवराज सिंह की फिटनेस के बारे में धोनी ने कहा, 'युवराज टेस्ट के लिए फिट हैं या नहीं, मेरे लिए इस सवाल का जवाब देना संभव नहीं है। पांच दिन का खेल वनडे से पूरी तरह अलग होता है। ऐसे में मुझे लगता है कि युवराज ही अपनी फिटनेस के बारे में सही बता सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि युवराज ने हाल ही में एक घरेलू मैच में दोहरा शतक लगाया था और इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में जारी अभ्यास मैच में बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए टेस्ट टीम के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। युवराज के लिए सुरेश रैना, अजिंक्या रहाणे और मनोज तिवारी भी टेस्ट टीम की दौड़ में शामिल हैं।
चयनकर्ताओं के भरोसे भज्जी का भविष्य
फॉर्म के लिएए जूझ रहे दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की टेस्ट टीम में वापसी के बारे में पूछने पर धोनी ने कहा कि यह सवाल आपको चयनकर्ताओं से करना चाहिए। घरेलू क्रिकेट नहीं खेलने के बारे में भारतीय कप्तान ने कहा कि झारखंड क्रिकेट संघ ने उन्हें खेलने के लिए एप्रोच किया था, लेकिन उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था और यही कारण है कि वह घरेलू मैचों में नहीं खेल पाए।
'कोहली, मनोज हैं टीम में सबसे फिट'
अपनी फिटेनस के बारे में धोनी ने कहा, 'व्यस्त कार्यक्रम के कारण मुझे जिम जाने का समय नहीं मिलता है। क्रिकेट में आपको विशेष फिटनेस की जरूरत पड़ती है। जैसे एक तेज गेंदबाज का फिटनेस स्तर अलग होता तो एक स्पिनर का अलग। फिटनेस का कोई अपर मार्क नहीं होता है। जब कोई खिलाड़ी कहता है कि वह 70 या 80 प्रतिशत फिट है तो इसका कोई मतलब नहीं होता है।
टीम में सबसे फिट खिलाडी के बारे में पूछने पर धोनी ने कहा कि मुझे लगता है कि विराट कोहली सबसे फिट हैं। उनके अलावा मनोज तिवारी की फिटनेस भी शानदार है। हम चाहते हैं कि खिलाड़ी ही क्यों सभी लोग फिट रहें और इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह जिम खोला गया है।