दुनिया के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया की मानद उपाधि से नवाजा जाएगा। भारत दौरे पर आई ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने कहा, 'क्रिकेट एक ऐसा खेल है जो ऑस्ट्रेलिया और भारत को जोड़ता है। क्रिकेट के माध्यम से दोनों देशों के बीच संबंध बहाली में सचिन का अतुल्नीय योगदान रहा है, इसलिए उन्हें ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया का सदस्य बनाया जा रहा है।' उल्लेखनीय है कि खेल में अहम योगदान देने के लिए सचिन को इसी साल भारत सरकार ने राज्य सभा की सदस्यता दी है।
क्या है ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया
ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया उस देश का राष्ट्रीय सम्मान है। इस सम्मान को देने की शुरुआत 1975 से हुई है। यह सम्मान देश या मानवता की सेवा और सम्मान के लिए कार्य करने वाले लोगों को दिया जाता है। शुरुआत में यह सम्मान देश के उन्हीं निवासी को दिया जाता था जो ऑस्ट्रेलिया में ब्रिटिश व्यवस्था को बदलने के लिए कार्य करते थे।
खास बात यह है कि इस सम्मान को राजनीति से अलग रखा गया है। यह सम्मान समाज के किसी भी वर्ग, क्षेत्र और समुदाय के व्यक्ति को प्रदान किया जा सकता है। आमतौर पर ऑस्ट्रेलियाई निवासी ही इस सम्मान के हकदार होते हैं। हालांकि कुछ मौकों पर दो देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए कार्य करने वाले किसी विदेशी नागरिक को भी यह मानद उपाधि दी जाती है।
लारा, लॉयड को मिल चुका है सम्मान
सचिन तेंदुलकर से पहले वेस्टइंडीज के दो पूर्व क्रिकेट कप्तान इस सम्मान से नवाजे जा चुके हैं। 2009 में ब्रायन लारा और 1985 में क्लाइव लॉयड को ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया में मानद अधिकारी पद से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा सचिन दूसरे भारतीय हैं जिन्हें ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया की मानद सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
2006 में भारत के पूर्व अटार्नी जनरल सोली सोराबजी को यह सम्मान मिल चुका है। ऑस्ट्रेलिया-भारत द्विपक्षीय कानूनी संबंधों में सुधार के लिए कार्य करने के लिए सोराबजी को ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया (एएम) का मानद सदस्य बनाया गया था।