पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम को उनकी टीम के साथियों ने इस्तीफा न देने की सलाह दी है, हालांकि उन्होंने अपने भविष्य पर फैसला लेने के लिए जका अशरफ की अध्यक्षता वाले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पास मामला छोड़ दिया है। पाकिस्तान 10 टीम तालिका में पांचवें स्थान पर रहा और सेमीफाइनल क्वालीफिकेशन से चूक गया, जिसके कारण पूर्व खिलाड़ियों ने काफी आलोचना की और नेतृत्व में बदलाव की मांग की है।
पीसीबी के एक सूत्र ने बताया "बाबर पहले ही अपने साथियों से बात कर चुके हैं, और उनमें से अधिकांश ने उन्हें खुद पद नहीं छोड़ने की सलाह दी है। विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाने में असफल होने के बाद टीम के साथ घर लौटने पर वह स्पष्ट कार्रवाई के साथ सामने आएंगे। लेकिन, वह खुद पद नहीं छोड़ेंगे।''
बाबर की टीम में मजबूत पकड़ है और इमाम उल हक, शादाब खान, शाहीन शाह अफरीदी, हारिस रऊफ जैसे खिलाड़ी पाकिस्तान के कप्तान के करीबी माने जाते हैं। दरअसल, पिछले साल जब बाबर को टेस्ट कप्तानी से हटाने की बातें सोशल मीडिया पर जोर पकड़ रही थीं, तब कुछ खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर हैशटैग "सोचना भी मना है" के साथ अपनी एकजुटता दिखाई थी।
विश्व कप के तुरंत बाद पाकिस्तान को दो चुनौतीपूर्ण दौरे करने है। यह टीम ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जाकर खेलेगी। बाबर सभी प्रारूपों में राष्ट्रीय कप्तान बने रहना चाहते हैं। कप्तान के करीबी एक जानकार सूत्र ने कहा, ''उन्हें कप्तान बने रहना चाहिए या नहीं, इसका फैसला संभवत: जका अशरफ की अध्यक्षता वाले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर छोड़ देंगे।''
बाबर को पहली बार इंग्लैंड में विश्व कप के बाद (जहां वे सेमीफाइनल में जगह बनाने में असफल रहे थे) 2019 के अंत में सरफराज अहमद की जगह पाकिस्तान की वनडे टीम का कप्तान नामित किया गया था।
इसके अलावा, उन्हें 2021 में अजहर अली से बागडोर लेते हुए टेस्ट कप्तान भी नियुक्त किया गया था। लेकिन, जबकि बाबर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में सफलता हासिल की है, और अपनी टीम को पिछले साल एशिया कप टी20 और टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंचाया है, टेस्ट और वनडे में उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली नहीं रहा है।
इसके अलावा, भारत में पाकिस्तान के 2016 टी20 विश्व कप अभियान (जहां वह सुपर 10 चरण से आगे बढ़ने में विफल रहा) के बाद, कप्तान शाहिद अफरीदी और मुख्य कोच वकार यूनिस को पीसीबी द्वारा बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।
पीसीबी प्रमुख जका ने जोर देकर कहा है कि वह कप्तानी और टीम प्रबंधन पर निर्णय कुछ पूर्व खिलाड़ियों से परामर्श करने के बाद ही लेंगे, विशेष रूप से मिस्बाह उल हक, मोहम्मद हफीज और कुछ अन्य। जिन्हें बाबर को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया गया था। जका पहले ही मोहम्मद यूसुफ और आकिब जावेद जैसे कुछ पूर्व खिलाड़ियों से मिल चुके हैं और टीम के भविष्य के फैसलों पर उनकी सलाह ले चुके हैं।