भारतीय टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। यह टीम इंडिया की WTC फाइनल में लगातार दूसरी हार रही। इससे पहले 2021 में न्यूजीलैंड ने भारत को फाइनल में आठ विकेट से हराया था। पूर्व क्रिकेटर्स ने फाइनल में वर्ल्ड नंबर वन टेस्ट बॉलर रविचंद्रन अश्विन को न खिलाने के भारतीय टीम मैनेजमेंट के फैसले की खूब आलोचना की। हालांकि, हार के बाद इन सब मामलों पर अश्विन ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने ट्वीट कर डब्ल्यूटीसी फाइनल पर बयान दिया है।
अश्विन ने लिखा- इस वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल को जीतने और टेस्ट क्रिकेट के इस साइकिल का अंत शानदार अंदाज करने के लिए ऑस्ट्रेलिया को बधाई। हमारे लिए इस टेस्ट साइकिल का अंत गलत तरह से होना निराशाजनक है, फिर भी पिछले दो वर्षों में फाइनल में पहुंचने के लिए हमने कड़े प्रयास किए। तमाम अराजकता और तीखे आकलन के बीच, मुझे लगता है कि इस टेस्ट साइकिल में खेलने वाले मेरे सभी साथियों और सबसे महत्वपूर्ण रूप से कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ को धन्यवाद देना बहुत महत्वपूर्ण है, जो मुश्किल समय में भी समर्थन करते रहे और हमारे साथ चट्टान की तरह डटे रहे।
गावस्कर और गांगुली ने अश्विन को नहीं खिलाने के फैसले की आलोचना की है
- फोटो : सोशल मीडिया
अश्विन को नहीं खिलाने पर नाराज गावस्कर
अश्विन को नहीं खिलाने की चौतरफा आलोचना की गई थी। सुनील गावस्कर से लेकर रिकी पोंटिंग और सौरव गांगुली तक ने इस ऑफ स्पिनर को नहीं खिलाने पर बयान दिए थे। अश्विन फिलहाल टेस्ट रैंकिंग में वर्ल्ड नंबर वन बॉलर हैं। भारत के महानतम बल्लेबाजों में शुमार सुनील गावस्कर ने कमेंट्री के दौरान टीम इंडिया के अश्विन को बाहर करने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा- ऑस्ट्रेलियाई टीम में पांच बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। इनमें डेविड वॉर्नर, उस्मान ख्वाजा, ट्रेविस हेड, एलेक्स कैरी और मिचेल स्टार्क शामिल हैं। इसके बावजूद आपकी टीम में कोई ऑफ स्पिनर नहीं है? ऐसा क्यों है? यह फैसला समझ से बाहर है।
माइकल वॉन ने भी जताई नाराजगी
इसके अलावा कई और पूर्व क्रिकेटर्स ने भी सोशल मीडिया पर अश्विन को नहीं खिलाने के फैसले पर नाराजगी जाहिर की थी। इनमें इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन भी शामिल हैं। वॉन ने ट्वीट कर लिखा- भारतीय टीम में कोई अश्विन नहीं। यह एक बड़ी गलती है। वहीं, सौरव गांगुली ने भी फैसले को गलत बताया। फाइनल के लिए कमेंट्री पैनल का हिस्सा रहे गांगुली ने कहा- मैं बाद में क्या होगा इस सोच पर विश्वास नहीं रखता। एक कप्तान के रूप में आप टॉस से पहले फैसला लेते हैं और भारत ने फैसला किया कि वह चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरेंगे। हालांकि, फैसले सिर्फ एक दिन के लिए नहीं बल्कि टेस्ट में पांच दिन का सोचकर लेने चाहिए।
रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन
- फोटो : BCCI
गांगुली और पोंटिंग ने कही यह बात
गांगुली ने कहा- पिछले कुछ वर्षों में उन्हें चार तेज गेंदबाजों के साथ सफलता मिली है। उन्होंने टेस्ट मैच जीते हैं। हर कप्तान अलग है। रोहित और मैं अलग तरह से सोचते हैं। अगर आप मुझसे पूछें तो अश्विन जैसे क्वालिटी बॉलर को प्लेइंग-11 से बाहर रखना मेरे लिए मुश्किल होता।
गांगुली ने कहा- अगर टीम में आपके पास अश्विन, हरभजन सिंह और अनिल कुंबले जैसा गेंदबाज हो, चाहे कंडीशन कैसी भी हो, उन्हें खिलाना जरूरी होता है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने कहा- जैसे-जैसे यह खेल आगे बढ़ेगा, मुझे लगता है कि पिच का रुख बदलेगा। अश्विन बाएं हाथ के बल्लेबाजों को परेशान कर सकते थे, लेकिन वह टीम में नहीं हैं।