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कोहली के भरोसे वर्ल्ड कप टॉप आर्डर बना दर्शक

Tue, 29 Mar 2016 11:59 AM IST
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, मोहाली
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- फोटो : reuters
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भले ही टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई हो, लेकिन इसका श्रेय पूरी टीम को नहीं सिर्फ एक खिलाड़ी विराट कोहली को जाता है। दुनिया भर में अपने बल्लेबाजी क्रम को लेकर वि यात टीम इंडिया दिग्गजों से सजी है। विस्फोटक शिखर धवन, दोहरे शतकवीर रोहित शर्मा, एक ओवर में छह छक्के जड़ने वाले युवराज सिंह और मध्य क्रम में कभी भी मैच पलटने की कूवत रखने वाले सुरेश रैना अब तक इस वर्ल्ड कप में मूक दर्शक ही बने रहे हैं। बावजूद इसके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और टीम मैनेजमेंट का आशीर्वाद इन्हें बदस्तूर प्राप्त है। वहीं मिस्टर डिपेंडेबल और किसी भी क्रम में बल्लेबाजी का दम रखने वाले अंजिक्य रहाणे को अब तक अंतिम एकादश में जगह नहीं दिया जाना कईयों को हैरान कर रहा है।
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पूर्व चयनकर्ता और टेस्ट क्रिकेटर प्रणव रॉय हैरान हैं कि क्यों सुरेश रैना को टीम में ढोया जा रहा है और रहाणे जैसे बल्लेबाज की अनदेखी की जा रही है। इस वर्ल्ड कप की चार पारियों में रैना ने 33 गेंदों में 41 रन ही बनाए हैं। शिखर धवन और रोहित शर्मा की जोड़ी चारों मैचों में एक बार भी अच्छी शुरूआत नहीं दे सकी है। धवन ने चार पारियों में 52 गेंदों में 43 और रोहित ने 51 गेंदों में 45 रन बनाए हैं। रोहित और धवन को जितने मौके मिले हैं। उतने शायद ही किसी को मिले हों, जबकि आस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम वन डे में शतक जड़ने के बावजूद मनीष पांडे को टीम में जगह नहीं मिल पाई।

वर्ल्ड कप में अब तक 52 गेंदों में 52 रन बनाने वाले युवराज अच्छी फिटनेस नहीं होने के बावजूद टीम में बने हैं। खुद धोनी ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत के  बाद स्वीकार किया कि युवराज के चोटिल होने की वजह से रन नहीं दौड़े जा पा रहे थे और जरूरी रन रेट बढ़ गया था। रणनीति के तहत उन्होंने विराट के साथ तेज दौड़कर एक को दो रनों में बदल इसकी भरपाई की और आस्ट्रेलिया पर दबाव बनाया।
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मतलब साफ है क्रिकेट से इस फटाफट संस्करण में मनीष पांडे और उनके जैसी अन्य युवा प्रतिभाओं की अनदेखी कर बूढ़े घोड़ों पर दांव लगाना कहां तक सही है? भला हो विराट कोहली की चमत्कारिक बल्लेबाजी का जो मेजबान होने के बावजूद भारत वर्ल्ड कप की दौड़ में बना है। वरना न्यूजीलैंड के खिलाफ ही तो विराट का बल्ला नहीं चला था और वहीं भारत के हिस्से में हार आई थी।
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गेंदबाजी में पांड्या पर दांव पड़ न जाए महंगा

- फोटो : reuters
हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी पर धोनी ने अब तक तीन दांव आजमाएं हैं। बांग्लादेश के खिलाफ किस्मत अच्छी थी जो भारत जीत गया वरना पाकिस्तान के खिलाफ मजबूत स्थिति के बावजूद बीच के ओवरों में उन्हें गेंद देना और आस्ट्रेलिया के खिलाफ डाले गए उनके पारी के अंतिम ओवर ने पासा पलटवाने में कसर नहीं छोड़ी थी। अब सेमीफाइनल में धोनी की पांड्या की गेंदबाजी को लेकर रणनीति देखने वाली होगी।

वर्ल्ड कप में टॉप आर्डर का अब तक का प्रदर्शन:

शिखर धवन-चार मैच, चार पारी, कुल रन 43 गेंदें खेलीं 52, सर्वोच्च स्कोर 23 (22)
रोहित शर्मा-चार मैच, चार पारी, कुल रन 45 गेंदें खेलीं 51, सर्वोच्च स्कोर 18 (16)
सुरेश रैना-चार मैच, चार पारी, कुल रन 41, गेंदें खेलीं 33, सर्वोच्च स्कोर 30 (23)
युवराज सिंह-चार मैच, चार पारी, कुल रन 52, गेंदें खेली 52, सर्वोच्च स्कोर 24 (23)
हार्दिक पांड्या-कुल 10 ओवर, रन दिए 100, विकेट पांच, इकोनॉमी-10 रन प्रति ओवर
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