पाकिस्तान में एक ओर जहां वर्ल्ड कप के बाद कई बड़े क्रिकेटर वनडे किकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर चुके हैं वहीं कुछ गेंदबाज अपनी संदिग्ध एक्शन के कारण प्रतिबंध का दंश झेल रहे हैं। ऐसे में पाक क्रिकेट के लिए एक अच्छी खबर आ रही है।
22 साल के पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर जिन्हें कुछ साल पहले देश के सबसे उभरते क्रिकेटर के रूप में आंका गया था। यह वही गेंदबाज है जिसने 18 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री से तारीफ भी हासिल कर चुका है। हालांकि आमिर पर 2010 में मैच फिक्सिंग में शामिल होने के कारण उन पर 5 साल के लिए किसी भी तरह के क्रिकेट खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन अब उसकी क्रिकेट में वापसी की संभावना फिर से प्रबल हो गई है।
आईसीसी की एंटी-करप्शन पर बनी रिव्यू कमिटी ने अब इस गेंदबाज को प्रतिबंधित समय से पहले ही घरेलू क्रिकेट में खेलने की अनुमति देने का मन बना रही है। आमिर पर यह प्रतिबंध अगस्त तक है लेकिन आईसीसी अगले हफ्ते इस तेज गेंदबाज को खेलने की अनुमति देने का फैसला कर सकती है।
मैच फिक्सिंग में शामिल होने पर लगा था प्रतिबंध
पाकिस्तान के उभरते तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर के बारे में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रवक्ता ने बताया कि इस बात की बहुत संभावना है कि आमिर को घरेलू क्रिकेट में खेलने कदी तुरंत इजाजत मिल जाए।
अगर ऐसा होता है तो आमिर के पास वर्ल्ड कप के बाद पाकिस्तान में होने वाले सुपर-8 टी-20 टूर्नामेंट में खेलने की संभावना बन जाएगी क्योंकि इसके बाद घरेलू सीजन खत्म हो जाएगा और फिर अक्टूबर से शुरू होगा।
22 साल के इस गेंदबाज पर उस समय 5 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया जब उसने सुनवाई के दौरान 2010 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान जानबूझकर नो-बॉल गेंद फेंकी थी। खेल पंचाट ने आमिर को दोषी माना और प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि आमिर ने प्रतिबंध के खिलाफ अपील नहीं की और जेल में जाने का फैसला लिया। इसके बाद उन्होंने आईसीसी की ओर से आयोजित इंग्लैंड के क्वींस काउंसिल में एक रिहैबिलेशन कार्यक्रम में भाग लिया।
सबसे तेज 50 टेस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड है आमिर के नाम
मैच फिक्सिंग के कारण पाकिस्तान क्रिकेट उस समय हिल गया जब 2010 में उसके कप्तान सलमान बट समेत मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर को दोषी माना गया। हालांकि आमिर उस समय बेहद युवा गेंदबाज थे और यह माना गया कि उन पर वरिष्ठ क्रिकेटरों का खासा दबाव था जिस कारण उसने ऐसी हरकत की। यही कारण है कि उसे सजा भी कम सुनाई गई।
इस तेज गेंदबाज ने टेस्ट करियर की शुरुआत बेहद शानदार अंदाज में की थी और टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 50 विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उन्होंने यह उपलब्धि 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में हासिल की।
पिछले 4 सालों में आमिर ने पीसीबी के साथ एंटी-करप्शन एंड सिक्यूरिटी यूनिट (एसीएसयू) के शैक्षिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और उसे पूरा किया।