लूट और चोरी की गाड़ियों की तलाश पुलिस ने शनिवार को मेरठ में सोतीगंज और सदर बाजार स्थित हिस्ट्रीशीटर हाजी गल्ला के गोदाम पर दबिश दी। सदर बाजार स्थित गोदाम का हाल देख पुलिस की आंखें खुली की खुली रह गई। गोदाम लूट और चोरी की गाड़ियों से भरा पड़ा था। सदर बाजार के गोदाम की जानकारी हरियाणा पुलिस ने दी थी। यहां लूट की पांच लग्जरी गाड़ी पुलिस ने ट्रेस कर ली। गोदाम सील कर दिया गया है। इस दौरान कबाड़ियों ने पुलिस पर हमला करने की भी कोशिश की। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
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सोतीगंज में दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच पर शुक्रवार को कबाड़ियों ने हमला कर जान मोहम्मद उर्फ जानू को कस्टडी से छुड़ा लिया था। कबाड़ियों ने दिल्ली के साथ ही सदर पुलिस की भी पिटाई की थी। मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा तो सदर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
इस बीच शुक्रवार देर रात हरियाणा पुलिस सदर बाजार थाने पहुंची और हाजी गल्ला के गोदाम में लूटी हुई गाड़ियां होने का अंदेशा जताया। इसके बाद रातभर एएसपी अभिषेक सिंह ने पुलिस टीम के साथ छापेमारी की प्लानिंग बनाई।
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लूट की गाड़ियों से खचाखच भरा था गोदाम
शनिवार सुबह सदर बाजार, लालकुर्ती, रेलवे रोड, टीपीनगर समेत कई थाने की पुलिस लेकर एएसपी सोतीगंज में हिस्ट्रीशीटर हाजी गल्ला के गोदाम पर पहुंचे। पुलिस कर्मियों ने गोदाम का ताला तोड़ना शुरू किया तो कबाड़ियों की भीड़ लगी। कबाड़ियों ने पुलिस का घेराव कर हंगामा करना शुरू किया। पुलिस पर हमला करने की भी कोशिश की। इस बीच एक कबाड़ी हाजी गल्ला के घर पहुंचा और गोदाम की चाबी ले आया। गोदाम से चोरी की गाड़ी के दो इंजन बरामद हुए।
इस बीच हरियाणा पुलिस ने वेस्ट एंड रोड पर मेरठ पब्लिक स्कूल के पास स्थित गल्ला के गोदाम की जानकारी दी। इस पर एएसपी फोर्स के साथ ही वेस्ट एंड रोड पहुंच गए। यह गोदाम लूटी और चोरी की गाड़ियों से खचाखच भरा था। गोदाम से दिल्ली से लूटी गई एक फॉरच्युनर, एक इनोवा, एक स्कार्पियो और एक बोलेरो बरामद की गई। वहीं एक बोलेरो हरियाणा से लूट की भी मिली। पांचों गाड़ियों को थाने भिजवा दिया गया।
वहीं गोदाम में भरी सभी गाड़ियों को लूट और चोरी की बताकर एएसपी ने गोदाम को सील कर दिया। पुलिस ने सोती गंज के गोदाम से एक कबाड़ी शोएब उर्फ सोनू निवासी घंटाघर को भी गिरफ्तार कर लिया।
कितनी गाड़ियां काटता है गल्ला? वेस्ट एंड रोड स्थित हाजी गल्ला के गोदाम का हाल देख पुलिस भौंचक रह गई। पुलिसकर्मी आपस में ही एक-दूसरे सवाल कर बैठे कि आखिर हाजी गल्ला कितनी गाड़ियों को काटता है।
एएसपी, सीओ सदर कैंट अभिषेक सिंह ने बताया कि दिल्ली से लूटी गई पांच लग्जरी गाड़ियां हाजी गल्ला के गोदाम से बरामद हुई है। गोदाम को सील कर दिया है। अंदेशा है कि गोदाम में भरी सभी गाड़ियां चोरी या लूट की हैं। हाजी गल्ला और उसके बेटों समेत आठ के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
'कमेला किंग' बनना चाहता है गल्ला
मेरठ। हाजी नईम उर्फ गल्ला सोतीगंज में वाहनों के कमेले का किंग बनना चाहता है। कबाड़ियों की यूनियन में उसकी पकड़ कमजोर पड़ी, तो उसने पुलिस से सेटिंग कर ली। पुलिस ने भी गल्ला को गोद में बैठाया और दूसरे कबाड़ियों के बारे में सूचना लेने का प्रयास किया।
दरअसल, भूसा मंडी और मछेरान में माहिगीर अमन कमेटी ने जिस तरह से स्मैक माफिया तसलीम और अन्य लोगों के खिलाफ अभियान चलाया, उससे पुलिस ने सोतीगंज के कबाड़ियों में गुटबाजी पैदा करने की कोशिश की। ताज्जुब यह है कि इस रणनीति का फायदा पुलिस से ज्यादा हाजी गल्ला उठाने लगा। यही कारण है कि शांति समिति की बैठक से लेकर अन्य अवसरों पर हाजी गल्ला को सदर बाजार थाने में बैठा देखा गया। बाहर के जिलों और दूसरे प्रदेशों से आने वाली पुलिस सोतीगंज में छापे मारकर लौटने लगी, लेकिन हाजी गल्ला ने वेस्ट एंड रोड पर बड़ा गोदाम बना लिया। वहां वाहनों का कटान बड़े पैमाने पर चल रहा था।
सदर बाजार थाना पुलिस को इसकी जानकारी भी रही, लेकिन हाजी गल्ला के गोदाम को कभी चेक नहीं किया गया। शनिवार को हरियाणा पुलिस की दबिश के बाद कैंट सीओ एएसपी अभिषेक सिंह ने हाजी गल्ला के गोदाम पर छापा डलवाया, तो वाहनों का बड़ा कमेला सामने आ गया। सवाल यह है कि सदर बाजार पुलिस की चुप्पी महज गुटबाजी पैदा करना थी या इसकी आड़ में पुलिस तक मोटा नजराना पहुंच रहा था।
रुपयों की चमक में पुलिस को नहीं दिखते वाहनों के कमेले
पुलिस अधिकारी भले ही सच्चाई को स्वीकार न करें, लेकिन यह हकीकत है कि वाहनों का कमेला मेरठ सदर बाजार थाना पुलिस के ‘करम’ पर ही चल रहा है। पुलिस रुपयों की चकाचौंध में कुछ देखना नहीं चाहती और हाजी गल्ला जैसे कई कबाड़ी अपना अवैध धंधा चमकाए जा रहे हैं।
हरियाणा पुलिस को जानकारी थी कि वेस्ट एंड रोड पर हाजी नईम उर्फ गल्ला का गोदाम है। लेकिन सदर पुलिस कहती रही कि उसे इस गोदाम के बारे में जानकारी ही नहीं थी। जबकि गोदाम और सदर थाने की दूरी बमुश्किल दो सौ मीटर होगी। गल्ला ने एमपीएस की दीवार से सटाकर अपना गोदाम बनाया है। गोदाम का दरवाजा भी स्कूल के गेट जैसा ही है, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस भले पल्ला झाड़ती रही हो कि उसे जानकारी नहीं थी लेकिन हरियाणा पुलिस ने जैसे ही गल्ला के इस गोदाम का जिक्र किया सिपाही तत्काल वहां पहुंच गए।
इस थाने में पोस्टिंग के लिए होती है मारामारी सदर थाने में पोस्टिंग के लिए थानेदारों को बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। सत्ता में अच्छी पैठ रखने वाले इंस्पेक्टर को ही यह थाना दिया जाता है। एक साल पहले इस थाने में पोस्टिंग को लेकर दो इंस्पेक्टर आमने सामने आ गए थे। तभी एक मंत्री ने दोनों को वहां से हटवाया और थाना इंस्पेक्टर गजेंद्र पाल सिंह को दिलाया। इससे पहले भी इस थाने के चक्कर में विवाद हुए हैं।