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टिकट के लिए टीम इंडिया को घेरेंगे सुपर स्पेक्टेटर!

Mon, 14 Mar 2016 11:16 AM IST
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, दिल्ली
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cricket fan - फोटो : getty
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वर्ल्ड कप घर में है और सवाल टीम इंडिया को जिताने का है। ऐसे में तरह-तरह का रंग-रूप रख स्टेडियमों में पहुंच कर भारतीय टीम के पक्ष में माहौल बनाने वाले सुपर स्पेक्टेटरों की खास तैयारियां भी मायने रखती हैं।
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फिर चाहें 120 सदस्यों वाली लंदन की भारत आर्मी हो या आंखों में तिरंगे का कांटेक्ट लेंस लगाने वाले लंदन के ही भोजानी ब्रदर्स या फिर नागपुर के ओमप्रकाश मुंद्रा या अमेरिकी विपुल पटेल या फिर दिल्ली के चाचा हिंदुस्तानी, सभी ने टीम इंडिया की रगों में जोश भरने के लिए ताल ठोक रखी है।

होटलों की बुकिंग हो चुकी है, हवाई टिकट भी बुक हो चुके हैं, लेकिन यह क्या इन सुपर स्पेक्टेटरों को भारत के मैचों के टिकट अब तक उपलब्ध नहीं हुए हैं।

बीसीसीआई और आईसीसी की ओर से टिकटों की बुकिंग के लिए लॉटरी सिस्टम की प्रक्रिया अपनाए जाने पर नौबत यहां तक आन पड़ी है कि कोई बड़ी बात नहीं होगी की सारी तैयारियों के बावजूद टीम इंडिया स्टेडियमों इन सुपर स्पेक्टेटरों के समर्थन से कहीं वंचित न रह जाए।
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रही बात इन सुपर स्पेक्टेटरों की तो ये भी हार मानने को तैयार नहीं हैं। ओलंपिक, एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्‍स के अलावा 2003 से हर क्रिकेट वर्ल्ड कप में सपत्नीक भारतीय टीम के साथ रहने वाले ओपी मुंद्रा का कहना है कि उन्हें अब टीम के सभी खिलाड़ी जान चुके हैं।

अगर टिकट नहीं मिले तो वह उन्हीं के आगे हाथ फैलाएंगे। अमेरिका के जार्जिया से आए व्यापारी विपुल पटेल का कहना है कि यह टिकटों को लेकर अब तक की सबसे खराब व्यवस्था है। 2011 केवर्ल्ड कप में जिन क्रिकेट प्रेमियों ने अपना रजिस्ट्रेशन पहले कराया था उन्हें टिकट सेल से दो दिन पहले टिकट खरीदने की छूट दी गई थी। इस बार भी कहा था कि एनआरआईज को टिकटों के लिए कोई समस्या नहीं आएगी, लेकिन अंतिम क्षणों में लॉटरी सिस्टम रख दिया गया।

2011 और 2015 के वर्ल्ड कप केलिए टिकटों की बुकिंग एक साल पहले खोल दी गई थी, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया वर्ल्ड कप शुरू होने से कुछ दिन पहले रखी गई है।

आंखों में भारतीय झंडे का कांटेक्ट लेंस लगाने वाले नागपुर पहुंच चुके हरीश भोजानी का कहना है कि दिक्कत यह है कि उन्होंने सभी मैचों के लिए होटलों की बुकिंग और हवाई टिकट बुक करा रखे हैं, लेकिन टिकटों का भरोसा अब तक नहीं है। कीनिया से आने वाले मुकेश पटेल की भी यही समस्या है। टिकट नहीं मिले तो सभी ने मिलकर खिलाड़ियों के घेरने की योजना बना रखी है। उन्हीं से फरियाद लगाई जाएगी और वही स्टेडियमों में घुसने का इंतजाम कराएंगे।
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