सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ग्रुप-बी में मंगलवार को दिल्ली और मणिपुर के बीच मैच खेला गया। दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट गंवाकर 167 रन बनाए। टीम के लिए हितेन दलाल ने 27 गेंदों में 47 रन की तूफानी पारी खेली। अपनी पारी में उन्होंने सात चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद दिल्ली ने फील्डिंग के दौरान इम्पैक्ट प्लेयर का इस्तेमाल करते हुए हितेन की जगह ऋतिक शौकीन को टीम में शामिल किया।
शौकीन ने इसके बाद गजब की गेंदबाजी की और तीन ओवर में 13 रन देकर दो विकेट लिए। उन्होंने अपनी गेंदबाजी से मैच पलट दिया और दिल्ली की जीत में मदद की। इस तरह शौकीन इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। दिल्ली ने 71 रन से जीत हासिल की। मणिपुर की टीम 20 ओवर में सात विकेट गंवाकर 96 रन ही बना सकी। सिर्फ दिल्ली ने ही नहीं अन्य टीमों ने भी सैयद मुश्ताक में इम्पैक्ट प्लेयर का इस्तेमाल किया। तमिलनाडु ने टी नटराजन की जगह हरि निशांत, कर्नाटक ने देवदत्त पडिक्कल की जगह श्रेयस गोपाल को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर मैदान पर उतारा।
ऋतिक शौकीन
दरअसल, बीसीसीआई ने इसी साल से इम्पैक्ट प्लेयर का नियम घरेलू क्रिकेट में शुरू किया है। अगर इस पर अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है तो इस नियम को आईपीएल 2023 में भी लागू किया जा सकता है। इस नियम के अनुसार, हर टीम को अपनी प्लेइंग-11 के साथ चार-चार सब्सिट्यूट खिलाड़ियों के नाम भी बताने होंगे। कोई भी टीम 14 ओवर्स तक इन चार खिलाड़ियों में से किसी एक को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर किसी खिलाड़ी से रिप्लेस कर सकती है।
जो भी खिलाड़ी इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर टीम से बाहर जाएगा, वह फिर दोबारा मैदान में नहीं दिख सकेगा। बाकी बचे मैच में इम्पैक्ट प्लेयर ही दिखेगा और मैच खेलेगा। कोई भी टीम किसी भी खिलाड़ी को तय ओवरों के अंदर रिप्लेस कर सकती है। चाहे वह खिलाड़ी बैटिंग किया हो या नहीं किया हो, गेंदबाजी किया हो या नहीं किया हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अगर किसी वजह से ओवरों में कटौती की जाती है और इसे 10 से कम कर दिया जाता है, तो इम्पैक्ट प्लेयर का इस्तेमाल नहीं होगा।