घरेलू मैदान...घरेलू दर्शक...घरेलू क्यूरेटर फिर भी ऐसी हालत? टेस्ट क्रिकेट में माना जाता है कि हर देश घरेलू मैदान को अपने हिसाब से तैयार करवाता है। टेस्ट क्रिकेट की यह सबसे बड़ी सच्चाई है कि मेजबान देश की ताकत के हिसाब से पिच तैयार की जाती है।
इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अपनी ताकत 'स्पिन' के हिसाब से टर्निंग ट्रैक तैयार करवाया। इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने पहला टेस्ट अपने स्पिनरों के बेहतर प्रदर्शन से जीत लिया लेकिन दूसरे ही टेस्ट में भारत के स्पिनर दोयम दर्जे के दिखने लगे।
मुंबई टेस्ट से पहले धोनी ने इस बात के संकेत दे दिए थे कि उन्हें पहले दिन से टर्न होने वाली पिच चाहिए। हुआ भी वही...भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए भरभरा गई। वो तो भला हो द्रविड़ के उत्तराधिकारी चेतेश्वर पुजारा का जिसने एक बार फिर टीम की लुटिया डूबने से बचा लिया। पुजारा के 135 रनों की बदौलत भारत किसी तरह 327 रनों तक पहुंच पाया।
इंग्लैंड ने भारत को भारत के ही जाल में फंसा कर बैकफुट पर ला दिया। इंग्लैंड के स्पिनर स्वान और पनेसर ने भारत की पहली पारी के 9 विकेट झटके। वहीं तीन स्पिनरों (अश्विन, हरभजन, ओझा) के साथ उतरी टीम इंडिया दूसरे दिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों को आउट करने के लिए तरसती दिखी। ओझा ने लगातार 2 ओवरों में भले ही दो विकेट झटके लेकिन वो भी इस टर्निंग ट्रैक पर नाचते नजर आए।