फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसी ऐसी चीज के लिए नहीं रूकना चाहता था जो उचित नहीं थी, संन्यास के बाद फैंस को रैना का संदेश

Mon, 17 Aug 2020 07:48 AM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सुरेश रैना
विज्ञापन

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के फैसले का अनुसरण करने वाले सुरेश रैना ने रविवार को फैंस के लिए एक संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि वह ‘ऐसी किसी चीज के लिए रूकना नहीं चाहते थे जो उचित नहीं थी।' इस 33 साल के खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलविदा कहने के फैसले ने क्रिकेट जगत को आश्चर्यचकित कर दिया था। पिछले ढेड़ दशक में सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले रैना ने कहा कि क्रिकेट उनके रगों में दौड़ता है।

विज्ञापन


उन्होंने एक बयान में कहा, ‘भारतीय टीम में जगह बनाने से पहले बहुत ही कम उम्र से, मैं एक छोटे से लड़के के रूप में अपने छोटे से शहर की गली और नुक्कड़ में क्रिकेट खेलता था।’ उन्होंने कहा कि मुझे जो भी पता है वह क्रिकेट है, मैंने जो कुछ किया है वह क्रिकेट है और यह मेरी रगों में है। रैना ने कहा कि ऐसा एक भी दिन नहीं रहा जब मुझे भगवान का आशीर्वाद और लोगों का प्यार नहीं मिला।भारत के लिए 226 एकदिवसीय, 78 टी-20 अंतरराष्ट्रीय और 18 टेस्ट खेलने वाले रैना ने कहा कि उन्होंने कभी भी चोटों को अपने भाग्य को निर्धारित नहीं करने दिया।

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षकों में से एक माने जाने वाले रैना ने कहा, ‘मैं उन सभी के आशीर्वाद का मान रखने की कोशिश कर रहा था। अपने देश तथा इस यात्रा का हिस्सा रहे सभी को उसके बदले खेल के जरिये वापस देने की कोशिश कर रहा था।’ रैना ने कहा कि मेरी कई बार सर्जरी हुई, झटके लगे और ऐसे क्षण आए जब मैंने इसके बारे में सोचा, लेकिन इसके लिए मैं ऐसी किसी चीज के लिए रूकना नहीं चाहता था जो उचित नहीं थी।’

विज्ञापन
विज्ञापन

खुद को भाग्यशाली मानता हूं

रैना ने इस पोस्ट में अपने परिवार, कोच, चिकित्सकों, प्रशिक्षकों, टीम के साथियों और अपने प्रशंसकों से मिले प्यार और समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह एक अविश्वसनीय यात्रा रही है और यह उन सभी के बिना संभव नहीं होता, जिन्होंने करियर में उतार-चढ़ाव के दौरान मेरा समर्थन किया। यह यात्रा मेरे माता-पिता, मेरी प्यारी पत्नी प्रियंका, मेरे बच्चों ग्रेसिया और रियो, मेरे भाइयों, मेरी बहन और हमारे परिवार के सभी सदस्यों के असीम समर्थन और बलिदान के बिना संभव नहीं हो सकता था। यह सब आप ही हैं।

रैना उस टीम का हिस्सा थे जिसने 2011 में उनके पसंदीदा कप्तान धोनी के नेतृत्व में विश्व कप जीता था। उन्होंने कहा कि मेरे कोच जिन्होंने हमेशा मुझे सही दिशा दिखाई, मेरे चिकित्सकों ने मुझे ठीक करने में मदद की, मेरे प्रशिक्षकों ने मुझे उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन करने में मदद की। उन्होंने कहा कि नीली जर्सी (भारतीय टीम) के मेरे साथी, नीले रंग में अद्भुत भारतीय टीम के समर्थन के बिना कुछ भी संभव नहीं होता। मुझे बहुत अच्छे खिलाड़ियों के साथ खेलने की खुशी है और उन सभी ने ‘टीम इंडिया’ के लिए खेला।

उन्होंने कहा कि मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि राहुल भाई (द्रविड़), अनिल भाई (कुंबले), सचिन पाजी (तेंदुलकर), चीकू (विराट कोहली) और खासतौर पर महेंद्र सिंह धोनी के साथ एक दोस्त और मेंटर के रूप में मार्गदर्शन मिलने के अलावा कुछ बेहतरीन सोच वाले कप्तानों की निगरानी में खेलने को मिला। हमेशा, टीम इंडिया। जय हिन्द।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें