फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कप्तान धोनी ने सच छिपाया

Fri, 23 Jan 2015 11:44 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुवार का दिन बीसीसीआई के लिए बेहद शर्मनाक रहा। सर्वोच्च अदालत ने बीसीसीआई के सस्पेंडड अध्यक्ष एन श्रीनिवासन पर व्यवसायिक हितों के चलते बीसीसीआई का चुनाव लड़ने से पांबदी लगा दी। इसके साथ ही आईपीएल की दो टीमें राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग के सहमालिकों राज कुंद्रा और गुरुनाथ मैयप्पन को स्पॉट फिक्सिंग का दोषी माना।
विज्ञापन


हालांकि अभी इस मामले में कोर्ट ने कोई सजा नहीं सुनाई है। सजा के लिए तीन जजो की एक कमेटी बनाई गई है जो इनके भविष्य का फैसला करेगी। स्पॉट फिक्सिंग मामले में कोर्ट ने टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भी कठघरे में खड़ा किया है।

जब स्पॉट फिस्किंग के मामले में कुंद्रा और मयप्पन को गिरफ्तार किया गया था, उस वक्त धोनी का नाम भी इस मामले में उछला था। उस वक्त चेन्नई सुपरकिंग टीम के कप्तान होने के साथ ही धोनी श्रीनिवासन की इंडिया सीमेंट कंपनी में उपाध्यक्ष थे। जांच अधिकारियों ने धोनी से भी पूछताछ की थी। गुरुवार को कोर्ट ने धोनी पर भी टिप्पणी की।
विज्ञापन
विज्ञापन

"धोनी ने मैयप्पन का बचाव किया"

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने गुरुनाथ मैयप्पन के बारे में जो बात कही थी वो गलत है।

पूछताछ के दौरान उन्होंने कहा था कि मैयप्पन महज एक क्रिकेट प्रेमी हैं। जो गलत साबित हुई। धोनी ने यह भी कहा था में कहा था कि मैयप्पन का आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स से कोई लेना देना नहीं है और वह महज एक खेल प्रशंसक के रूप में ही टीम से जुड़े हैं।

जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने फैसले में कहा, ‘ एमएस धोनी और श्रीनिवासन ने पूर्व में जांच समिति के समक्ष गुरुनाथ मैयप्पन का बचाव करते हुए कहा था कि उनका सीएसके के क्रिकेट संचालन से कोई लेना देना नहीं है। जांच समिति द्वारा दोनों का यह पक्ष बिल्कुल गलत साबित पाया गया है क्योंकि मैयप्पन टीम अधिकारी हैं और उनके पास मैच से जुड़ी ऐसी गोपनीय जानकारियां थी जो किसी आम क्रिकेट प्रशंसक के पास नहीं होतीं।’
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें