भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर का कहना है कि भारत को बांग्लादेश के खिलाफ कानपुर टेस्ट में मिली जीत का श्रेय रोहित शर्मा का जाना चाहिए ना कि नवनियुक्त मुख्य कोच गौतम गंभीर को इसका क्रेडिट मिलना चाहिए। गावस्कर का मानना है कि रोहित की कप्तानी में भारत ने पिछले कुछ वर्षों में आक्रामक क्रिकेट खेला है। गावस्कर ने बोल्ड शैली के लिए रोहित को 'गोहित' नाम दिया।
एक कॉलम में गावस्कर ने कानपुर टेस्ट में भारत की रणनीति को लेकर गंभीर को श्रेय दिए जाने का कड़ा विरोध जताया। उन्होंने उच्चतम स्तर की चाटुकारिता से जोड़ा। उन्होंने तर्क दिया कि टीम की रणनीति के लिए गंभीर को श्रेय देना गलत है। गावस्कर ने इसकी तुलना इस बात से की कि कैसे इंग्लैंड ने अपनी सफलता का श्रेय मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम को दिया।
गावस्कर ने कॉलम में लिखा, जिस तरह बेन स्टोक्स और मैकुलम के नेतृत्व में इंग्लैंड की बल्लेबाजी शैली पूरी तरह बदली, वैसा ही कुछ हमने पिछले कुछ वर्षों में रोहित की बल्लेबाजी में देखा और वह टीम को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। गंभीर पिछले कुछ महीनों से ही कोचिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, इसलिए इस शैली के लिए उन्हें श्रेय देना चाटुकारिता का उच्चतम स्तर है। गंभीर ने खुद शायद ही कभी इस अंदाज में बल्लेबाजी की हो जैसी मैकुलम किया करते थे। अगर किसी को श्रेय दिया जाना चाहिए तो वो सिर्फ रोहित हैं, अन्य कोई नहीं।
भारत ने बारिश से बाधित मैच को दो दिन में किया था समाप्त
भारत ने कानपुर के ग्रीन पार्क में खेले गए टेस्ट मैच को दो दिन में समाप्त कर दिया था। भारत और बांग्लादेश के बीच दूसरे टेस्ट में बारिश ने काफी बाधा डाली थी। पहले दिन सिर्फ 35 ओवर का खेल हो सका था, जबकि दूसरा और तीसरे दिन का खेल बारिश के कारण मैदान गीला होने की वजह से पूरी तरह धुल गया था। भारतीय गेंदबाजों ने चौथे दिन बांग्लादेश की पहली पारी 233 रनों पर ढेर कर दी थी, जबकि भारत ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 285 रन बनाकर घोषित कर दी थी। भारत को तब 52 रन की बढ़त मिली थी। दूसरी पारी में बांग्लादेश की टीम ने 146 रन बनाए और भारत के सामने 95 रन का लक्ष्य दिया जिसे रोहित की सेना ने आसानी से हासिल कर लिया था।