2013 में 11 घंटे में बदल गई किस्मत
साल 2013 में डीवाई पाटिल की टीम के कप्तान और कोच के रूप में खेलते हुए तांबे को 11 घंटे के लिए ए टीम में खेलने का मौका मिला। उन्हें एक चोटिल खिलाड़ी की जगह इस मैच में मौका मिला था। यहीं से उनका करियर बदल गया। राजस्थान रॉयल्स के कोच और बाकी सदस्य यह मैच देख रहे थे। राजस्थान की टीम ने डीवाई पाटिल स्टेडियम में पहले भी तांबे को खेलते देखा था। कुछ समय बाद द्रविड़ ने कुरुविला से कहा कि वो तांबे को राजस्थान के ट्रायल के लिए जयपुर भेजें। उनके चुने जाने से कई लोग द्रविड़ से नाराज हुए थे, लेकिन 2013 में तांबे ने अपना पहला आईपीएल मैच खेला।
तांबे पहले खिलाड़ी बने, जिन्होंने 41 साल की उम्र में अपना आईपीएल करियर शुरू किया। वो उन चुनिंदा खिलाड़ियों में ही शामिल हुए, जो कोई फर्स्ट क्लास मैच खेले बिना टी-20 मैच खेले हैं। 2014 में एक स्पीच के दौरान द्रविड़ ने तांबे के बारे में बताया, जो उन्हें प्रेरणा देते हैं।
2013 के बाद चमका तांबे का करियर
साल 2013 में ही तांबे ने चैंपियंस लीग टी20 में सबसे ज्यादा विकेट लिए और गोल्डन विकेट अवॉर्ड अपने नाम किया। इसी साल उनका रणजी क्रिकेट खेलने का सपना पूरा हुआ। उन्होंने मुंबई के लिए दो रणजी मैच खेले। साल 2014 में उन्होंने कोलकाता के खिलाफ दो गेंदों में हैट्रिक ली। उन्होंने मनीष पांडे, यूसुफ पठान और रॉयन टेन डोशेचे को आउट किया। इस दौरान तांबे ने एक विकेट वाइड गेंद पर लिया। इसी सीजन उन्होंने धोनी को भी अपनी फिरकी के जाल में फंसाया। 2016 में तांबे गुजरात लायंस की टीम का हिस्सा बने, लेकिन कोई मैच नहीं खेल सके। 2017 में वो सनराइजर्स हैदराबाद की टीम में शामिल हुए।
2018 में लिया संन्यास
साल 2018 में तांबे ने भारतीय क्रिकेट से संन्यास का एलान किया और अबू धाबी में टी10 लीग का हिस्सा बने। बीसीसीआई किसी भारतीय खिलाड़ी को विदेशी लीग में खेलने की अनुमति नहीं देता है। इसी वजह से तांबे को संन्यास लेना पड़ा। इस लीग में उन्होंने एक मैच में पांच विकेट लेकर इतिहास रच दिया। इस दौरान तांबे ने क्रिस गेल, इयोन मॉर्गन, कीरोन पोलार्ड, फैबिएन एलेन और उपुल थरंगा को आउट किया।
2019 में तांबे ने संन्यास से वापसी की और नीलामी में शामिल हुए। कोलकाता की टीम ने उन्हें खरीदा, लेकिन टी10 लीग में खेलने की वजह से बीसीसीआई ने उन्हें आईपीएल खेलने की अनुमति नहीं दी। साल 2020 में 48 साल के तांबे ने दूसरी बार भारतीय क्रिकेट से संन्यास लिया। इसके बाद वो कैरिबियन प्रीमियर लीग में खेलने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने। यहां वो कोलकाता नाइट राइडर्स की सहयोगी टीम त्रिनबागो नाइट राइडर्स के लिए खेले। मौजूदा समय में तांबे कोलकाता नाइट राइडर्स के सहयोगी स्टाफ में शामिल हैं। इसी वजह से टीम ने उनकी कहानी फिल्म के जरिए दिखाई है।