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भारत आई श्रीलंका क्रिकेट टीम को 12 घंटे के अंदर वापस भेजा

Mon, 04 Aug 2014 03:17 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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भारतीय राज्य तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच तनातनी पिछले कई सालों से बनी हुई है। तमिलनाडु के विरोध के कारण ही कई बार श्रीलंकाई खिलाड़ी इस राज्य में नहीं जाते, और कई बार उन्हें इस राज्य में आने से रोक दिया जाता है।
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आईपीएल के दौरान ज्यादातर श्रीलंकाई खिलाड़ी चेन्नई में मैच से दूर रहते हैं। दो साल पहले तमिल सरकार ने मैच खेलने चेन्नई आई श्रीलंकाई टीम को वापस भेजकर फुटबॉल मैच को भी रद कर दिया था।

अब एक नए घटनाक्रम में चेन्नई पहुंचने के 12 घंटे के अंदर ही श्रीलंका की एक क्रिकेट टीम को वापस स्वदेश भेज दिया गया।

टूर्नामेंट खेलने आई थी चेन्‍नई

श्रीलंका की अंडर-15 क्रिकेट टीम एक निजी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए चेन्‍नई आई हुई थी। लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे 12 घंटों के ही अंदर ही वापस भेज दिया गया।

सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, श्रीलंका की 16 सदस्यीय टीम रविवार रात को कोलंबो से चेन्‍नई पहुंची थी। और शहर में ही टीम के ठहरने का प्रबंध किया गया था।

लेकिन सोमवार की सुबह श्रीलंकाई टीम को सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट में भाग लेने क‌ी अनुमति देने से इनकार कर दिया गया।

बाद में श्रीलंका की टीम स्वदेश के लिए रवाना हो गई। चेन्‍नई में 4 से 7 अगस्त तक अंडर-15 टीमों का एक निजी टूर्नामेंट में खेला जाना है।

हाल में हुआ एक विवाद बना कारण

श्रीलंका की क्रिकेट टीम को सुरक्षा कारणों का हवाला देकर वापस भेजने के पीछे तमिलनाडु सरकार और श्रीलंका के बीच हुए हालिया तनाव को अहम कारण माना जा रहा है।

पिछले हफ्ते तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता से जुड़ा एक अपमानजनक लेख श्रीलंका की एक सरकारी वेबसाइट पर छपा था, इस लेख में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी दिख रही थी।

श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर जयललिता की आलोचना करने वाले एक अपमानजनक लेख छपने के कारण भारी विवाद हो गया था। तमिलनाडु सरकार की ओर से जताए भारी विरोध और संसद में मुद्दा उठने के बाद श्रीलंका ने न केवल वह लेख वेबसाइट से हटाया बल्कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जयललिता से बिना शर्त माफी भी मांगी।

भारत में आम जनमानस में भी इस लेख को नाराजगी दिखी। चेन्नई में लोग सड़कों पर उतरे आए और केंद्र में सत्ताधारी एनडीए सरकार की सहयोगी तमिल पार्टियों ने श्रीलंका से संबंध स्थगित करने के लिए केंद्र पर दबाव बनाया।
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श्रीलंकाई खिलाड़ियों का पहले भी होता रहा है विरोध

ऐसा नहीं है कि पहली बार श्रीलंका ‌की किसी टीम को तमिलनाडु में खेलने से रोका गया और उसे वापस भेज दिया गया हो। इससे पहले भी कई बार यह दक्षिणी राज्य श्रीलंका के खिलाड़ियों को अपने राज्य में अनुमति देने से इनकार कर चुका है।

वर्ष 2012 में जयललिता ने एक मैत्री मैच खेलने चेन्‍नई आई श्रीलंका की फुटबॉल टीम को वापस भेज दिया था।

तमिलनाडु सरकार ने एक अधिकारी को महज इसलिए निलंबित कर दिया था क्योंकि उसने नेहरू स्टेडियम में फुटबॉल मैच के लिए मौखिक सहमति दे दी थी।

तमिलनाडु हमेशा से श्रीलंका में तमिलों पर हुए अत्याचार का विरोध करती रही है। जयललिता ने श्रीलंका की सेना की एक ट्रेनिंग का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार न सिर्फ अपने राज्य में बल्कि पूरे देश में कहीं भी श्रीलंकाई सेना की ट्रे‌निंग का विरोध करेंगी।
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