श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड के संचालन में सरकारी हस्तक्षेप के बाद आईसीसी ने उसे निलंबित कर दिया था। इस निलंबन के चलते श्रीलंका ने अंडर-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप की मेजबानी का मौका भी गंवा दिया था, जिसका आयोजन अब दक्षिण अफ्रीका में हो रहा है।
निलंबन हटने के बाद श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) जुलाई में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) की मेजबानी करेगा। श्रीलंका के खेल मंत्री हरिन फर्नांडो ने गुरुवार को यह जानकारी दी। श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड के संचालन में सरकारी हस्तक्षेप के बाद आईसीसी ने उसे निलंबित कर दिया था। इस निलंबन के चलते श्रीलंका ने अंडर-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप की मेजबानी का मौका भी गंवा दिया था, जिसका आयोजन अब दक्षिण अफ्रीका में हो रहा है।
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पर्यटन मंत्री की भी भूमिका निभा रहे फर्नांडो ने बयान में कहा, ‘‘श्रीलंका कोलंबो में 19 से 22 जुलाई तक आईसीसी एजीएम की मेजबानी करेगा। इससे क्रिकेट और पर्यटन के मामले में श्रीलंका को काफी बढ़ावा मिलेगा।’’ श्रीलंका ने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच के लिए टिकटें नहीं जारी की हैं। इस मैच के लिए स्टेडियम में दर्शकों की एंट्री फ्री है। दर्शक बिना कोई शुल्क दिए मैदान में जाकर यह मैच देख सकते हैं। यह भी श्रीलंका में क्रिकेट के प्रति खोई लोकप्रियता को वापस लाने की कोशिश है। अगर विदेशी दर्शक यह मैच देखने के लिए पहुंचते हैं तो श्रीलंका के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जो कि देश की अर्थव्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा है।
आईसीसी सदस्यों के दायित्वों को पूरा नहीं करने के कारण एसएलसी को नवंबर में निलंबित किया गया था। एसएलसी अपने मामलों के स्वतंत्र संचालन और श्रीलंका में क्रिकेट के नियामन तथा प्रशासन में सरकारी हस्तक्षेप को रोकने में विफल रहा था। फर्नांडो के पूर्ववर्ती रोशन रणसिंघे ने एसएलसी में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए अंतरिम समिति नियुक्त की थी। श्रीलंका की पूर्व विश्व कप विजेता टीम के कप्तान रहे अर्जुन रणतुंगा को इसका प्रमुख बनाया गया था।
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आईसीसी ने कहा था रणसिंघे का अंतरिम समिति नियुक्त करना संचालन से जुड़े उसके नियमों का गंभीर उल्लंघन था। फर्नांडो ने हालांकि दिसंबर में रणसिंघे द्वारा जारी राजपत्र को हटा दिया था, जिसके बाद रविवार को निलंबन हटा दिया गया।