आईपीएल सीजन 6 में श्रीसंत का रन देने का औसत अब उनके काम आ सकता है। उनके पिछले रिकॉर्ड को देखें तो वह विकेट तो लेते रहे हैं, मगर रन देने का औसत अच्छा नहीं रहा है। वह ज्यादातर मैचों में महंगे साबित हुए हैं।
श्रीसंत का वकील एक ओवर में 13 रन देने के बचाव में यह कह सकता है कि आईपीएल में उनका औसत रन करीब-करीब इस तरह का ही रहा है।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने बताया था कि सट्टेबाजों ने श्रीसंत को अपने दूसरे ओवर में 13 रन देने पर 40 लाख रुपये देने की डील की थी।
दिल्ली पुलिस के पास श्रीसंत की मोबाइल सर्विलांस रिकार्डिंग नहीं है। श्रीसंत को जीजू व चांद उर्फ चंद्रेश की मोबाइल रिकॉर्डिंग के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारी यह भी दावा कर रहे हैं कि सीसीटीवी फुटेज में जीजू और श्रीसंत एक साथ दिखाई दे रहे हैं, मगर वकील बचाव में कह सकता है कि जीजू श्रीसंत का दोस्त है।
पुलिस के पास यह भी सबूत है कि श्रीसंत मोहाली में अपने दूसरे ओवर में उसी तरह बॉलिंग कर रहा है, जिस तरह की जीजू और चांद बात कर रहे थे।
रिमांड आज होगा खत्म
श्रीसंत, अजीत चंडीला, अंकित चव्हाण और 11 बुकीज की आज पांच दिन की रिमांड खत्म हो रही है। पुलिस आज आरोपियों को साकेत कोर्ट में पेश करेगी।
विशेष पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि अभी आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। यह उसी वक्त तय किया जाएगा कि आरोपियों को फिर से रिमांड पर लिया जाए या नहीं।
हालांकि माना जा रहा है कि पुलिस कुछ आरोपियों को फिर से रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी।
अंडरग्राउंड हुए बुकीज
स्पॉट फिक्सिंग मामले में दिल्ली पुलिस की तेजी से हो रही कार्रवाई को देखते हुए दिल्ली समेत देश के कई शहरों के बुकीज घबरा गए हैं। ये अब अपने शहरों को छोड़कर दूसरे शहरों में छिप गए हैं।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुकीज को पकड़ने के लिए कई शहरों में दबिश दी जा रही है। इस दौरान ये देखने में आया है कि पुलिस की स्कैनिंग पर चल रहे ज्यादातर बुकीज ने अपने मोबाइल बंद कर लिए हैं और अंडरग्राउंड हो गए हैं।
एक-दो शहरों से पुलिस टीमें वापस लौट रही हैं।
बुकी का दाऊद कनेक्शन
टिंकू मंडी से अश्वनी कुमार बना एक बुकी दिल्ली पुलिस अधिकारियों के लिए कोई नया नाम नहीं है। एक अधिकारी ने तो ये भी दावा किया है कि दिल्ली पुलिस के कई अफसर टिंकू मंडी के लगातार संपर्क में रहते थे और उसके द्वारा आयोजित पार्टियों में जाते थे।
ये भी पता था कि टिंकू मंडी के तार अंडरवर्ल्ड से जुड़े हैं। बताया जा रहा है कि मुंबई के बुकी रमेश व्यास के जरिए वह दाऊद इब्राहिम व उसके गुर्गों से जुड़ा था। दिल्ली पुलिस अफसरों ने कभी उससे पूछताछ करने की जहमत तक नहीं उठाई।
आजादपुर मंडी का रहने वाला टिंकू मंडी उर्फ अश्वनी कुमार बहुत कम समय में देश का बड़ा सट्टेबाज बन गया। गौरतलब है कि बुकी अश्वनी कुमार व उसके कार्यालय में कार्यरत चार कर्मचारियों, अमित गुप्ता, रमाकांत, लव गर्ग और अजय गोयल को गुड़गांव से गिरफ्तार किया गया था।
बुकी के पुलिस से संबंध
टिंकू मंडी की जिस तरह दिल्ली पुलिस में अच्छी पैठ है उसी तरह रमेश व्यास की मुंबई में अच्छी पैठ है। दिल्ली पुलिस के छोटे से बडे़ पुलिस अधिकारी रमेश व्यास के संपर्क में रहते थे।
मगर मुंबई पुलिस ने भी रमेश व्यास से कभी पूछताछ करने की जहमत नहीं उठाई। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये भी दावा किया है कि दोनों जगह की पुलिस अच्छी तरह जानती थी कि दोनों आरोपी सट्टा व फिक्सिंग करते हैं।
अंकित का परिवार मिलने पहुंचा
स्पॉट फिक्सिंग में गिरफ्तार राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेटर अंकित चव्हाण का परिवार सोमवार को उससे मिलने लोधी कॉलोनी स्थित स्पेशल सेल के कार्यालय पहुंचा। परिजनों में माता-पिता, बहन और मामा थे।
वे कई घंटे स्पेशल सेल के कार्यालय में रहे और फिर पिछले गेट से वापस चले गए। इस बीच मीडिया सेल कार्यालय के मेन गेट पर उनका इंतजार करता रहा।
जिस किट ने स्टार बनाया, उसे बनाया काली कमाई का जरिया
जिस किट ने अजीत चंदीला को रोजी-रोटी और पहचान दिलाई, उसी को चंदीला ने अपनी काली कमाई का जरिया बना डाला। स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि चंदीला की निशानदेही पर किट से 20 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
पूछताछ में चंदीला ने बताया कि उसे ये रुपये बुकी जीजू जनार्दन ने दिए थे। जाहिर है, अब खिलाड़ियों की किट भी संदेह के घेरे में रहेगी।