क्रिकेट में कैरियर नहीं बना पाए तो बन गए फिक्सर। जी हां स्पॉट फिक्सिंग मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े बाबू राव यादव की कहानी भी कुछ इसी तरह की है।
रेलवे की ओर से रणजी मैच खेल चुके बाबू राव क्रिकेट की दुनिया में कामयाब नहीं हो सका। यहां उसकी मुलाकात क्रिकेट मैच के दौरान काला धंधा करने वाले लोगों से हुई।
फर्स्ट क्लास मैच खेलने के दौरान खिलाड़ियों से बने संबंध बाबू राव यादव के काम आए और वह क्रिकेट छोड़कर फिक्सर बन गया।
स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक रेलवे से क्रिकेट खेलने के दौरान ही बाबू राव की मुलाकात अजीत चंदीला से हुई थी। दोनों एक दूसरे के अच्छे जानकार हो गए।
इसके बाद बाबू ने चंदीला की फिक्सिंग के लिए सुनील भाटिया नामक बुकी से मुलाकात करवाई।
सुनील उत्तर भारत के बड़े बुकी अश्वनी कुमार के लिए काम करता था। सुनील के जरिए चंदीला अश्वनी तक पहुंचा। वहां से अश्वनी के कहने पर ही चंदीला ने कई अन्य खिलाड़ियों को फंसाने का प्रयास किया।
सेल के सूत्रों की मानें तो क्रिकेट में फेल कई क्रिकेटरों ने इसी तरह फिक्सिंग में अपने हाथ आजमाए। उसमें मनीष गुडेवा, अमित सिंह और जीजू के नाम प्रमुख हैं।
ये सभी पुरानी क्रिकेटर हैं। पुलिस आशंका जता रही है कि मामले में अभी और पूर्व क्रिकेटरों के नाम आ सकते हैं।
रेलवे से बाबूराव यादव निलंबित
रेलवे ने सोमवार को पूर्व रणजी क्रिकेटर बाबूराव यादव को निलंबित कर दिया। इससे पहले आईपीएल स्पाट फिक्सिंग मामले में शामिल होने के लिये यादव को हिरासत में लिया गया था।
सिगनल और टेलीकाम डिवीजन में आपरेटर के तौर पर कार्यरत बाबूराव नागपुर में दक्षिण मध्य रेलवे के लिये काम कर रहा था।
बाबूराव ने कथित सटोरिये सुनील भाटिया को राजस्थान रायल्स के खिलाड़ी अजीत चंदीला से मिलवाया था।