दिल्ली पुलिस ने स्पॉट फिक्सिंग के आरोपियों पर मकोका लगाने के लिए खुफिया एजेंसी रॉ की मदद ली थी।
पुलिस ने बुकीज के जरिए अंडरवर्ल्ड के कुछ फोन को तो इंटरसेप्ट कर लिया था, मगर वह यह नहीं तय कर पा रही थी कि ये फोन अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील के हैं।
इसको पुख्ता करने के लिए पुलिस ने एक जून को रॉ की ओर रुख किया था।
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने खुफिया एजेंसी रॉ से कंफर्म करने के बाद आरोपी क्रिकेटरों व बुकीज पर मकोका लगाया है।
पुलिस ने एक जून को रॉ से पूछा था कि इंटरसेप्ट किया गया मोबाइल नंबर .....4488 दाऊद का है या नहीं। इस पर रॉ ने पुष्टि कर दी थी कि नंबर दाऊद का ही है।
इसके बाद पुलिस ने स्पॉट फिक्सिंग को संगठित अपराध मानते हुए दो जून को आरोपियों पर मकोका लगाया था।
स्पेशल सेल के संयुक्त पुलिस आयुक्त विवेक ओबराय ने बताया कि रॉ की पुष्टि के बाद ही संगठित अपराध की बात सामने आई थी।
हालांकि, पुलिस के पास यह लिखित में नहीं है कि जब फोन को इंटरसेप्ट किया गया था, तब मोबाइल दाऊद के हाथ में था या नहीं।
उन्होंने कहा कि जिस मोबाइल फोन से फिक्सिंग की जा रही थी, उसका अधिकांश इस्तेमाल दाऊद और छोटा शकील पाकिस्तान में करते थे। पुलिस के पास एक महीने की रिकॉर्डिंग है।
वहीं, दिल्ली पुलिस के जानकारों का कहना हैं कि किसी देश की एजेंसी ने दाऊ द के फोन को पहली बार इंटरसेप्ट किया है।