फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Abu Dhabi T10 League: अबू धाबी टी10 लीग में स्पॉट फिक्सिंग? नो बॉल के लिए यह गेंदबाज जांच के घेरे में, जानें

Sat, 23 Nov 2024 11:06 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अबू धाबी

सार

चौथे ओवर में बिलाल ने पांचवीं गेंद पर इतनी बड़ी नो बॉल फेंकी कि वह निशाने पर आ गए। बिलाल को एक फुट से अधिक का ओवरस्टेप करते हुए देखा गया।
विज्ञापन
बिलाल ने नो बॉल किया - फोटो : Twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अबू धाबी टी10 लीग गलत कारणों से सुर्खियों में है। संयुक्त अरब अमीरात के तेज गेंदबाज हजरत बिलाल ने न्यूयॉर्क स्ट्राइकर्स के साथ सैम्प आर्मी के साथ मैच के दौरान बड़े पैमाने पर फ्रंट-फुट नो-बॉल फेंकी। इस घटना से स्पॉट फिक्सिंग की अटकलें लगाई जा रही हैं और टूर्नामेंट की विश्वसनीयता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
विज्ञापन

मॉरिसविले सैम्प आर्मी का प्रतिनिधित्व करने वाले बिलाल चौथे ओवर में गेंदबाजी करने आए। मॉरिसविले ने फाफ डुप्लेसिस के 32 गेंदों पर 75 रनों की शानदार पारी की बदौलत न्यूयॉर्क स्ट्राइकर्स के सामने 136 रन का लक्ष्य रखा था। एक वक्त न्यूयॉर्क का स्कोर दो विकेट पर 32 रन था। चौथे ओवर में बिलाल ने पांचवीं गेंद पर इतनी बड़ी नो बॉल फेंकी कि वह निशाने पर आ गए। बिलाल को एक फुट से अधिक का ओवरस्टेप करते हुए देखा गया। यह इतनी बड़ी गलती थी कि टीम के बाकी खिलाड़ी हंसने लगे और डुप्लेसिस भी अपनी हंसी नहीं रोक सके।

इसके बाद फ्री हिट पर डोनोवन फरेरा ने एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का लगाया। इसके बाद सोशल मीडिया पर फैंस जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेविड वॉर्नर भी इन प्रतिक्रियाओं में शामिल रहे। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सवाल किया कि क्या सच में इसे सिर्फ नो-बॉल दिया जाना चाहिए और सिर्फ फ्री-हिट मिलना चाहिए?


विज्ञापन

नो-बॉल की घटना ऐसे समय में हुई है जब अबू धाबी टी10 लीग पिछले भ्रष्टाचार के घोटालों के कारण जांच के घेरे में है। इस साल की शुरुआत में आईसीसी ने लीग से जुड़े कई व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाया था। पुणे डेविल्स के बल्लेबाजी कोच अशर जैदी पर 2021 सत्र के दौरान भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने के लिए पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया था। वहीं, अन्य पर भ्रष्टाचार रोधी संहिता के उल्लंघन के लिए उकसाना का आरोप है। भ्रष्ट पेशकश की जानकारी देने में नाकाम रहने के कारण टीम के मालिक पराग सांघवी और कृष्ण कुमार चौधरी पर भी दो-दो साल का प्रतिबंध लगाया गया था।

टी10 प्रारूप तेज क्रिकेट और स्पॉट फिक्सिंग के लिए विशेष रूप से अतिसंवेदनशील होने की वजह से आलोचनाओं के घेरे में है। एक सोशल मीडिया यूजर ने तो इसे स्पॉट फिक्सिंग से जोड़कर देखा है। विवादों के बावजूद सैम्प आर्मी ने 36 रन से जीत दर्ज की। सिर्फ एक ओवर फेंकने वाले बिलाल ने नौ रन दिए और एक विकेट लिया। लीग के आयोजकों ने अभी तक नो बॉल की इस घटना के संबंध में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। अगर बिलाल स्पॉट फिक्सिंग में लिप्ट हुए तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें