भारत बनाम द. अफ्रीका
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मंत्रालय ने साफ किया है कि जब तक बिना शर्त बोर्ड नाडा के संरक्षण में नहीं आता है तब दौरों की मंजूरी पर बातचीत नहीं होगी। सूत्र बताते हैं कि अभी सिर्फ दक्षिण अफ्रीका ए और महिला टीम के दौरों की मंजूरी लटकी है। अगले माह पुरुष दक्षिण अफ्रीकी टीम को भारत का दौरा करना है। वीजा के लिए खेल मंत्रालय की एनओसी जरूरी है। अगर मंत्रालय एनओसी नहीं देता है तो सभी दौरे खटाई में पड़ सकते हैं।
बीसीसीआई ने ट्रायल पर शर्तों के अनुसार नाडा के संरक्षण में आने की बात कही थी, जिसे मंत्रालय ने खारिज कर दिया। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि बोर्ड को सिर्फ किसी बाहरी कंपनी से क्रिकेटरों का सैंपल लिए जाने के मामले में छूट दी जा सकती है, लेकिन बाकी सारे काम उसे नाडा के संरक्षण में रहकर करने होंगे। यह नहीं होगा कि बोर्ड जिस क्रिकेटर का जिस मैच में सैंपल कराना चाहेगा उसी का लिया जाएगा।
आज लिखे गए पत्र के अनुसार मंत्रालय ने बोर्ड को कहा है कि वाडा प्रोटोकॉल के अनुसार डोपिंग को रोकने, डोपिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और नाडा के संरक्षण में बीसीसीआई क्रिकेटरों के टेस्ट कराने में उसे सहयोग करना होगा। मंत्रालय ने बोर्ड से जल्द इस पत्र का जवाब देने को कहा है जिससे दौरों की मंजूरी की बात को आगे बढ़ाई जा सके। पत्र के मिलने के बाद बीसीसीआई ने नरमी के संकेत दिए और खेल सचिव से बातचीत के लिए हामी भर दी। बोर्ड ने माना है कि उन्हें मंत्रालय का पत्र मिला है।