दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की टीम ने खेल के हर क्षेत्र में कैरेबियन टीम को पीछे छोड़ दिया। मेहमान टीम ने अपनी पहली पारी में 298 रन बनाए। वहीं वेस्टइंडीज की टीम अपनी पहली इनिंग्स में सिर्फ 149 रन ही बना सकी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका अपनी दूसरी पारी में कुछ खास नहीं कर सका और पूरी टीम 174 रनों पर ऑल आउट हो गई। वहीं वेस्टइंडीज से दूसरी इनिंग्स में बहुत उम्मीदें थीं और ऐसा माना जा था कि कैरेबियाई टीम पलटवार करेगी। लेकिन ऐसा हो न सका।
वेस्टइंडीज को टेस्ट मैच जीतने के लिए 324 रनों का लक्ष्य मिला। टारगेट का पीछा करने उतरी कैरेबियाई टीम की शुरुआत ठीक नहीं रही और पहला विकेट 16 रनों पर गिर गया। क्रेग ब्रैथवेट 6 रन बनाकर आउट हुए। कीरेन पॉवेल ने जरूर संघर्ष किया और उन्होंने 51 रन बनाए। मध्यक्रम में कायल मेयर्स को अगर छो़ड़ दिया जाए तो कोई भी बल्लेबाज ज्यादा देर तक नहीं टिक सका। मेयर्स ने 35 रनों की पारी खेली।
इसके बाद वेस्टइंडीज का कोई भी बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों का दिलेरी से सामना नहीं कर सका। कागिसो रबाडा ने तूफानी अंदाज में गेंदबाजी करते हुए शुरुआती तीन झटके दिए। जिसके चलते कैरेबियन टीम उबर नहीं पाई। इसके बाद रही सही कसर केशव महाराज ने पूरी कर दी। उन्होंने हैट्रिक लगाते हुए 5 विकेट लिए। जबकि एक विकेट लुंगी एनगिडी को मिला। इस तरह वेस्टइंडीज की टीम दूसरी पारी में 165 रनों पर ऑल आउट हो गई। मैच में पांच विकेट लेने वाले कासिगो रबाडा को प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया। वहीं पूरी सीरीज में रन बरसाने वाले क्विंटन डि कॉक को प्लेयर ऑफ द सीरीज के खिताब से नवाजा गया।