विश्व कप से बाहर होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फॉफ डू प्लेसिस ने फॉर्म हासिल की। डुप्लेसिस ने न सिर्फ टूर्नामेंट का पहला शतक जड़ा बल्कि मजबूत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छह विकेट पर 325 रन बनाने में मुख्य भूमिका निभाई। दरअसल यह क्विंटन डिकॉक थे जिन्होंने टूर्नामेंट में लंबे समय पर अपनी टीम को तूफानी शुरुआत दी।
उन्होंने स्टार्क, कमिंस, बेहरनडार्फ जैसे गेंदबाजों की धुनाई लगाते हुए 51 गेंद में 52 रन की पारी खेली, साथ ही एडिन मार्करम के साथ पहले विकेट केलिए 79 रन जोड़े। इसके बाद डूप्लेसिस और वानडर दूसेन ने मोर्चा संभाल लिया।
दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 151 रन जोड़कर दक्षिण अफ्रीका को बड़े स्कोर की ओर पहुंचाया। डुप्लेसिस ने 94 गेंद में सात चौके और दो छक्कों की मदद से 100 रन बनाए। वानडर दूसेन दुर्भाग्यशाली रहे जो शतक नहीं जड़ सके। उन्होंने 97 गेंद में चार छक्के और चार चौकों की मदद से 95 रन बनाए।