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गांगुली का इशारा, टीम इंडिया को मिलेंगे नए चयनकर्ता, नहीं बढ़ेगा एमएसके प्रसाद का कार्यकाल

Mon, 02 Dec 2019 08:16 AM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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गांगुली-एमएसके प्रसाद - फोटो : अमर उजाला
बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने रविवार को मुंबई में आयोजित 88वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति पर निशाना साधते हुए कहा कि 'आप अपने कार्यकाल से आगे काम नहीं कर सकते।' दरअसल, अब एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है।
 
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सौरव गांगुली - फोटो : सोशल मीडिया
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने बीसीसीआइ के पुराने संविधान के मुताबिक कहा है कि चयन समिति का कार्यकाल चार साल से ज्यादा समय का नहीं हो सकता। वहीं, संविधान संशोधन के बाद ये कार्यकाल पांच साल का हो जाएगा, लेकिन अभी इससे सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलनी है, लेकिन एमएसके प्रसाद की अगुआई वाली राष्ट्रीय चयन समिति का 4 साल का कार्यकाल समाप्त हो गया है।
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एमएसके प्रसाद - फोटो : zee news
एमएसके प्रसाद और गगन खोड़ा ने साल 2015 में चयन समिति में चुने गए थे। वहीं, जतिन परांजपे, सरनदीप सिंह और देवांग गांधी ने 2016 में चयन समिति में नियुक्ति पाई थी, लेकिन बीसीसीआइ के मौजूद अध्यक्ष सौरव गांगुली के मुताबिक इनमें से किसी भी शख्स का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में इन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले वनडे और टी-20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए भारतीय टीम का आखिरी बार चयन किया है।

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सौरव गांगुली - फोटो : सोशल मीडिया
सौरव गांगुली ने कहा, 'कार्यकाल समाप्त हो गया है। आप कार्यकाल से आगे नहीं जा सकते। इन सभी लोगों ने अच्छा काम किया है। हम चयनकर्ताओं के लिए एक फिक्स कार्यकाल बनाएंगे। हर साल सलेक्टर्स का चयन करना सही नहीं है।'
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सौरव गांगुली - फोटो : ट्विटर
बता दें कि इस चयन समिति के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने कई क्षेत्रों में सफलता हासिल की है, लेकिन कई सारे बड़े टूर्नामेंट गंवाए भी हैं, जिसमें वर्ल्ड कप, आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट शामिल हैं।
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सौरव गांगुली - फोटो : ट्विटर
सीएसी पर बात करते हुए बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा, 'सीएसी के पास अधिक काम नहीं है। हम सीएसी के बारे में बात करते रहते हैं लेकिन सीएसी का काम कोच और चयनकर्ता नियुक्त करना है। एक बार जब चयन समिति चार साल के लिए कोच तीन साल के लिए नियुक्त हो जाता है तो फिर पूर्णकालिक सीएसी की क्या जरूरत है।'
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सौरव गांगुली - फोटो : ANI
उन्होंने आगे कहा, 'अब तक तो सीएसी मानद है। अगर आप इसके सदस्यों को वेतन देंगे तो फिर किस आधार पर देंगे। यहां नियमित काम नहीं है। सीएसी का हितों के टकराव के बीच नियुक्ति मेरी नजर में सही कदम नहीं होगा। यह सिर्फ एक-दो बैठकों तक सीमित है।'
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