अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल को इस साल के अंत में नया चैयमैन मिल जाएगा। मौजूदा चेयरमैन ग्रेग बार्कले अपने कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं। इस पद के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह आमने-सामने हो सकते हैं। दोनों इस पद के लिए रुचि दिखा रहे हैं। बार्कले नवंबर 2020 से आईसीसी के चेयरमैन हैं।
आईसीसी के चेयरमैन का कार्यकाल दो साल के लिए होता है। हालांकि, विशेष परिस्थिति में इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। आईसीसी की सलाना बैठक इस साल जुलाई में होनी है। उस दौरान चेयरमैन के चुनाव को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर सौरव आईसीसी चेयरमैन के चुनाव में उतरने का फैसला करते हैं, तो यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि अगर कोई प्रतियोगिता होती है तो उनके पास पर्याप्त संख्या हो। इस बात की संभावना कम ही है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई द्वारा नामित किसी व्यक्ति को निर्विरोध जीतने देगा। अब यह देखना है कि सौरव गांगुली अपना नाम देते हैं या नहीं। दूसरी ओर, शाह ने भी आईसीसी की कुर्सी संभालने में रुचि दिखाई है।
बीसीसीआई क्यों चाहता है भारतीय चेयरमैन
बीसीसीआई भी चाहता है कि आईसीसी में 2023 वर्ल्ड कप से पहले आईसीसी में भारत का दबदबा बढ़े। जब भारत ने 2011 वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी, तब शरद पवार आईसीसी के अध्यक्ष थे। टीम इंडिया 2011 में वर्ल्ड कप जीती थी। आईसीसी चैयरमैन के पद पर अगर कोई भारतीय रहेगा तो वर्ल्ड कप के दौरान कई समस्याओं का सामना बीसीसीआई मजबूती से कर लेगा।
कौन हैं ग्रेग बार्कले?
बार्कले ऑकलैंड में व्यावसायिक वकील हैं। वे कई न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के साथ काम कर रहे हैं। अपकी पेशेवर प्रतिबद्धता को देखते हुए बार्कले के अपने कार्यकाल को बढ़ाने पर जोर नहीं दिया है। इसलिए नवंबर 2022 में आईसीसी को नया बॉस देखने को मिल सकता है।
अब तक कितने भारतीय बने आईसीसी के प्रमुख
2014 तक आईसीसी में अध्यक्ष का पद सबसे बड़ा होता था। भारत के जगमोहन डालमिया (1997 से 2000) और शरद पवार (2010 से 2012) तक आईसीसी के अध्यक्ष थे। साल 2014 में आईसीसी में बदलाव हुए। चेयरमैन के पद को बनाया गया।
आईसीसी के पहले चेयरमैन भारत के एन श्रीनिवासन थे। उनका कार्यकाल 2014 से 2015 तक था। इसके बाद भारत के शशांक मनोहर को दूसरा चेयरमैन बनाया गया। उनका कार्यकाल 2015 से 2020 तक था। उनके बाद सिंगापुर के इमरान ख्वाजा को 2020 में 145 दिन के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया गया था। उनके बाद बार्कले को पूर्णकालिक चेयरमैन बनाया गया था।