जारयाब के पिता और पूर्व क्रिकेटर आमेर हनीफ ने बताया कि उनके बेटे को बेवजह टीम से बाहर किया गया था। जारयाब की इंजरी बहुत मामूली थी। इसके बावूजद उनके बेटे को टीम से बाहर किया गया। इससे परेशान होकर मंगलवार की दोपहर उसने फांसी लगा ली।
बता दें कि जारयाब हनीफ के सबसे बड़े बेटे थे। हनीफ ने बताया कि उनके बेटे पर कोच और टीम मैनेजमेंट ने काफी दबाव डाला था। इस बेवजह के दबाव के चलते उनके बेटे ने मौत को गले लगा लिया।
पीसीबी की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक जारयाब की उम्र 18 साल 158 दिन थी, इसलिए उन्हें ओवर एज की वजह से भी बाहर नहीं किया जा सकता था।