हर चार पर होने वाले क्रिकेट के महाकुंभ वर्ल्ड कप में खेलने का सपना हर किसी क्रिकेटर का होता है लेकिन कुछ ही खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो इस सपने को हकीकत में बदल पाते हैं।
अगले साल ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए पिछले हफ्ते घोषित टीम इंडिया के 30 संभावित खिलाड़ियों की सूची में वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह समेत कई पुराने सितारों को बाहर किए जाने से चयनकर्ताओं की खूब आलोचना की जा रही है। सहवाग, युवराज और गंभीर ने भी वर्ल्ड कप में वापसी के लिए काफी प्रयास भी किया था।
लेकिन एक क्रिकेटर ऐसा है जिसे 30 संभावित खिलाड़ियों की सूची में शामिल भी किया गया है और पूर्व कप्तान होने के नाते उसके टीम में शामिल होने की भी काफी संभावना है। हालांकि वह इसमें खेलने को लेकर बहुत उत्साहित नहीं है और वह वर्ल्ड कप नहीं खेलना चाहता। हम जिस खिलाड़ी की बात कर रहे हैं वह पाकिस्तान का खिलाड़ी है।
अपने बयान से सभी को चौंकाया
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शोएब मलिक अपने गेंदबाजी एक्शन और टीम के मौजूदा माहौल को देखते हुए अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप में खेलने को इच्छुक नहीं हैं।
मलिक के करीबी सूत्रों ने बताया कि मलिक पिछले कुछ सालों से बोर्ड और चयनकर्ताओं द्वारा किए जा रहे बर्ताव से दुखी हैं। इसके अलावा उन्हें डर है कि उनके गेंदबाजी एक्शन की शिकायत कर दी जाएगी।
एक सूत्र ने कहा, "मलिक अपने गेंदबाजी एक्शन पर काम कर रहे हैं और इन दिनों काफी गेंदबाजी कर रहे हैं। उन्हें आने वाले महीनों में विदेशी टी-20 लीगों में खेलने की लुभावनी पेशकश है और वह इसे लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं।"
सईद अजमल और मोहम्मद हफीज के गेंदबाजी एक्शन की शिकायत होने के बाद मलिक की राष्ट्रीय टीम में वापसी की अटकलें लगाई जा रही है।
'यूनुस खान जो चाहें उन्हें करने का मौका दिया जाए'
पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट खिलाड़ियों शोएब अख्तर और मोहम्मद यूसुफ का मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ बाकी मैचों के जरिये सीनियर बल्लेबाज यूनुस खान के वनडे करियर का फैसला होगा। उनका कहना है कि यूनुस पर इन मैचों में अच्छे प्रदर्शन का दबाव होगा।
शोएब ने कहा, "यूनुस को अगर वर्ल्ड कप टीम में अपनी जगह पक्की करनी है तो उनके लिए यह सीरीज काफी अहम है। वनडे टीम में उनकी उपयोगिता पर वैसे ही काफी बहस चल रही है। मुझे लगता है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ बाकी मैचों में उन्हें पूरा मौका देना चाहिए ताकि वह खुद को साबित कर सके। यदि वह नाकाम रहे तो उन्हें बाहर किया जा सकता है।"
वहीं, यूसुफ ने कहा, "टीम प्रबंधन को चाहिए कि अगर वह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करना चाहते हैं तो उन्हें मौका दिया जाए। ताकि उन्हें बाद में कोई खेद या दबाव नहीं रहे।"