अनोखे एक्शन से 360 डिग्री घूमकर गेंद डालकर सुर्खियों में आए मुरादाबाद के गेंदबाज शिवा सिंह अब बीसीसीआई के टूर्नामेंट में इस तरह की गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे।
जयपुर में राजस्थान के खिलाफ होने वाले अंडर-23 के मैच से पहले अंपायरों ने टीम मैनेजमेंट को साफ कर दिया कि अगर उन्हें यह गेंद डालनी है तो फिर पूरी पारी के दौरान ऐसे ही गेंदबाजी करनी होगी। ओवर के बीच में वह इस तरह की गेंदबाजी नहीं कर सकते हैं। इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने फैसला लिया कि शिवा सिंह अब यह गेंद नहीं डालेंगे।
शिवा सिंह ने खुलासा किया था कि वह राजस्थान के खिलाफ होने वाले मैच से पहले अंपायरों से बात करेंगे। अगर उन्हें मंजूरी मिलती है तो वह इस तरह की गेंदबाजी करेंगे। उत्तर प्रदेश की टीम के मैनेजर और पूर्व रणजी क्रिकेटर रत्नेश मिश्रा ने अमर उजाला से खुलासा किया कि नेट प्रैक्टिस के दौरान उन्होंने आज मैच के दोनों अंपायरों से इस बारे में बात की।
अंपायरों ने साफ किया कि उन्हें बीसीसीआई से इस बारे में निर्देश मिले हैं कि ओवर के बीच में 360 गेंद को नहीं फेंका जा सकता है। यह खेल की भावनाओं के विरुद्ध है। अगर ऐसा किया जाता है तो गेंद को डेड बॉल घोषित करते हुए बल्लेबाजी करने वाली टीम के खाते में पांच रन पेनाल्टी के दिए जाएंगे।
रत्नेश बताते हैं कि अंपायरों को शिव के लगातार 360 डिग्री गेंद डाले जाने पर कोई एतराज नहीं था। लगातार इस एक्शन से की गई गेंदबाजी वैध मानी जाएगी। इससे बल्लेबाज का ध्यान नहीं भटकेगा। रत्नेश के मुताबिक उन्होंने शिवा से पूछा कि क्या वह लगातार 360 डिग्री एक्शन से गेंदबाजी कर पाएंगे। इस पर शिवा ने इंकार कर दिया। इसके बाद फैसला लिया गया कि अब शिवा को यह गेंद नहीं फेंकनी है।