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33 से 35 रैंक के अंपायरों को मिले रणजी मैच, 5 से 32 वालों की अनदेखी, BCA ने किया विरोध

Wed, 14 Nov 2018 03:17 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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ranji trophy
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बीसीसीआई की ओर से दिसंबर माह में रणजी ट्राफी मैचों के लिए नियुक्त किए गए अंपायरों की नियुक्तियों पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। बोर्ड की ओर से रणजी मैचों के लिए पांच से 32 रैंक (19 को छोड़कर) के अंपायरों को नजरअंदाज किया गया है जबकि 33 से 35 रैंक के अंपायरों की इन प्रथण श्रेणी के मैचों के लिए नियुक्ति की गई है। बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के संयुक्त सचिव अविषेक डालमिया ने बोर्ड के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल बदलने को कहा है।

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डालमिया ने बोर्ड के क्रिकेट आपरेशंस के डिप्टी जनरल मैनेजर केवीपी राव को लिखा, है कि दिसंबर माह में रणजी मैचों के लिए अंपायरों की नियुक्ति में साफ तौर पर नियमों की अनदेखी की गई है। रैंक एक से चार तक के अंपायरों को रणजी मैच दिए गए हैं जबकि पांच से 32 रैंक के अंपायरों को नजरअंदाज कर 33 से 35 रैंक के अंपायरों को रणजी मैच दे दिए गए हैं।

डालमिया का कहना है कि रणजी मैच में अंपायरिंग किसी भी अंपायर के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। उसके खाते में प्रथम श्रेणी मैच की अंपायरिंग का श्रेय जुड़ता है जो उसके कैरियर के लिए बड़ी बात होती है, लेकिन बोर्ड ने रैंकिंग को नजरअंदाज कर दिया है। अंपायरों की नियुक्ति बोर्ड ने सोमवार को ही की है। डालमिया का कहना है कि बोर्ड रणजी मैचों में अंपायरों की नियुक्ति की दौरान हमेशा रैंकिंग का ध्यान रखता है।
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उच्च रैंकिंग के अंपायरों को हमेशा इन मैचों के लिए वरीयता दी जाती है। डालमिया ने कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना, कैब अध्यक्ष सौरव गांगुली, कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी और क्रिकेट आपरेशंस मैनेजर सबा करीम को लिखा है कि पांच से 32 की रैंक में पांच अंपायर बंगाल के हैं। उनके साथ यह नाइंसाफी है।

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