तेज गेंदबाज ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर का कहना है कि टी-20 विश्वकप के लिए टीम में जगह नहीं बना पाना उनके लिए बड़ा झटका है। उन्होंने रांची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे से पहले कहा कि उनके अंदर अभी क्रिकेट बाकी है। टीम इंडिया तीन वनडे मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला यहां खेलेगी। वह सीरीज में 0-1 से पीछे है। अगर इस मैच में शिखर धवन की कप्तानी वाली टीम हार जाती है तो उसे सीरीज से हाथ धोना पड़ेगा।
शार्दुल ने कहा कि वह आगामी मैचों पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे। हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति में ठाकुर ने भारत के लिए टी-20 मैच खेले, लेकिन उस दौरान उनका प्रदर्शन ज्यादा प्रभावी नहीं रहा और राष्ट्रीय टीम से बाहर हो गए। उन्होंने, ''हर खिलाड़ी विश्वकप में खेलना और जीतना सपना होता है। अगले वर्ष वनडे विश्वकप है। उसके लिए तैयारी करूंगा।''
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भारतीय गेंदबाजों का किया बचाव
भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन हाल के कुछ मैचों में निराशाजनक रहा है। इस पर शार्दुल ने अपने साथियों का बचाव किया। उन्होंने कहा, ''सिर्फ भारतीय गेंदबाजों की आलोचना करना ठीक नहीं है। विरोधी टीमों के गेंदबाजों में भी कमियां हैं। भारत के लिए कोई एकतरफा मैच नहीं हुआ। हमने ज्यादातर मैच जीते और निरंतरता दिखाई है। कभी-कभी वनडे में 350 से अधिक रन भी बन जाते हैं।''
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केशव महाराज को आई धोनी की याद
दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज ने कहा कि भारत की टीम में भले ही रोहित शर्मा और विराट कोहली नहीं हैं, फिर भी शिखर धवन की अगुवाई वाली टीम विश्व स्तर की है। उन्होंने कहा, ''मैं धवन की टीम को दोयम दर्जे की नहीं कहूंगा। भारत के पास इतनी प्रतिभा है कि वह चार-पांच वनडे टीमें अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए उतार सकता है। कई खिलाड़ियों के पास आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। रांची महेंद्र सिंह धोनी का गृहनगर है। मैं उनसे बात करना चाहूंगा। मुझे उनके साथ या खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिला है।''