ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा है कि शेन वाटसन यदि आलराउंडर की भूमिका निभाने के बजाय सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर टेस्ट टीम में जगह पाने का प्रयास करेंगे तो उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। वाटसन की भारत दौरे से पहले वेस्ट इंडीज के खिलाफ वन-डे सीरीज के आखिरी तीन मैचों के लिए टीम में वापसी हुई है। पिंडली की चोट के कारण वाटसन को करीब एक महीने टीम से बाहर रहना पड़ था।
वाटसन ने गेंदबाजी के बजाय सिर्फ बल्लेबाजी करने का निर्णय किया है लेकिन क्लार्क उनके इस फैसले से सहमत नहीं हैं। क्लार्क ने कहा, ‘वाटसन को आलराउंडर के बजाय सिर्फ बल्लेबाज की भूमिका में टीम में उतरने पर कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ेगा। मुझे नहीं लगता है कि कोई भी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में ऐसे ही शामिल हो सकता है।
वाटसन ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि टीम में आलराउंडर के बजाय बल्लेबाजों की संख्या पहले ही कहीं ज्यादा है।’