टीम इंडिया भले ही लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतने के बाद अपनी सफलता पर गदगद हो गई हो। और हर ओर उसके खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तारीफ हो रही हो लेकिन ऐसा नहीं है कि सब कुछ उसके लिए अच्छा ही हो रहा है।
पूर्व भारतीय विकेटकीपर सैयद किरमानी भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की खराब विकेटकीपिंग के लिए आलोचना कर चुके हैं।
तो इंग्लैंड दौरे पर गई टीम इंडिया की आलोचना करने के मामले में पाकिस्तान के खिलाड़ी भी पीछे नहीं हैं। महान गेंदबाज इमरान खान और वसीम अकरम पहले ही टेस्ट सीरीज में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की आलोचना कर चुके हैं। और अब इस मामले में एक नया पाकिस्तानी नाम जुड़ गया है।
टीम इंडिया की रणनीति समझ से परे
हालांकि इमरान खान और वसीम अकरम ने जारी सीरीज में दोनों टीमों के खासकर इंग्लैंड के गेंदबाजों के सुस्त रवैए की आलोचना की थी।
लेकिन पाकिस्तान के पूर्व फिरकी गेंदबाज सकलैन मुश्ताक ने टीम इंडिया की रणनीति पर ही सवाल उठा दिए हैं। उनके अनुसार भारतीय क्रिकेट टीम के शीर्ष गेंदबाज आर अश्विन को पिछले दोनों टेस्ट मैचों की अंतिम एकादश में नहीं लेना समझ से परे है।
अश्विन टेस्ट रैंकिंग में भारत के नंबर वन गेंदबाज हैं लेकिन पिछले दोनों मैचों में उन्हें मौका नहीं मिला था। जबकि रवींद्र जडेजा को टीम में मुख्य स्पिनर के रूप में खिलाया जा रहा है जो गेंदबाजी से कमाल दिखाने में नाकाम रहे हैं।
स्पिनर्स के अनुकूल पिच पर भी नाकाम रहे जडेजा
टीम इंडिया पिछले दोनों टेस्ट मैच में 3 तेज गेंदबाजों के अलावा दो फिरकी गेंदबाजों रवींद्र जडेजा और स्टुअर्ट बिन्नी को लेकर मैदान पर उतरी थी।
लेकिन दोनों फिरकी गेंदबाज ने अपने मूल काम यानी की गेंदबाजी से कोई प्रभाव नहीं छोड़ सके थे। जबकि बल्लेबाजी में दोनों ने एक-एक अर्धशतक लगाए हैं।
सकलैन मुश्ताक ने कहा कि लॉर्ड्स टेस्ट मैच के अंतिम दिन जब पिच फिरकी गेंदबाजों के बेहद अनुकूल हो गई थी तब भी वह बल्लेबाजों को परेशान करने में नाकाम रहे और सिर्फ एक ही विकेट निकाल सके।
एक साथ उतर सकते हैं जडेजा-अश्विन
सकलैन मुश्ताक मानते हैं कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में रवींद्र जडेजा की तुलना में आर अश्विन ज्यादा बेहतर साबित हो सकते हैं। अश्विन को जडेजा के साथ खिलाया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 'दूसरा' शैली की खोज करने वाले सकलैन मुश्ताक ने कहा, "इंग्लैंड के पास 11 में से 6 बल्लेबाज बाएं हाथ के हैं। आर अश्विन अब तक क्यों नहीं खेल रहे यह समझ में नहीं आ रहा? यह हमेशा के लिए निश्चित तौर यह सही नहीं होता कि आप 5 गेंदबाजों के साथ उतरें।"
उन्होंने कहा, "लॉर्ड्स में टेस्ट मैच के दौरान चौथे और पांचवें दिन पिच टर्न लेने लगती है। हालांकि कोई भी इस आधार पर टीम का चयन नहीं करेगा कि अंतिम दिन पिच टर्न लेगी। लेकिन नॉटिंघम टेस्ट में जहां पर पिच बिल्कुल सपाट थी वहां पर टीम इंडिया ने दो स्पिनर क्यों नहीं लिए?"